दस दिन घर में तड़पता रहा बच्चा
पुलिस ने बच्चे को बहलाने-फुसलाने, जलाने और परिजनों को जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने सोमवार रात को आरोपी के घर पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। बच्चे के पिता का कहना है कि आरोपी तस्कर की धमकी की वजह से दस दिन बच्चा घर पर ही तड़पता रहा। इलाज नहीं मिलने के कारण वह रात को सो भी नहीं पाता था। हैवानियत की हदें पार करने वाले तस्कर के खिलाफ सोमवार शाम को बच्चे की मां ने हिम्मत दिखाई और वह पुलिस चौकी पहुंच गई। पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में मामला आने के बाद सेक्टर-16 पुलिस भी सक्रिय हुई।
तीन बार बच्चे के साथ की बर्बरता
बच्चे की मां ने बताया कि घर से कुछ ही दूरी पर रहने वाला गोविंद उनके तीन वर्षीय बेटे को खिलाने के नाम पर 2 जनवरी को घर से लेकर गया था। उसी दिन पीठ में उसको तीन जगह सिगरेट से दागा गया था। उसके बाद 5 जनवरी को फिर बच्चे को लेकर गया और उसके बगल में तीन जगह दागने के निशान थे। 10 जनवरी की शाम को कॉलोनी का कांचा घर से उसके बेटे को लेकर गया। जब एक घंटे बाद शाम 7 बजे बेटे को वापस लेकर आया तो उसके पीछे वाले हिस्से से खून बह रहा था। पीठ पर जलने के छह निशान थे। जब कांचा से पूछा गया तो कुत्ते के काटने की कहानी बताकर वह चलता बना। बच्चे के साथ आरोपी ने तीन बार बर्बरता की। इस दौरान आरोपी तस्कर गोविंद उनको पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी देता रहा। दर्द की वजह से बच्चा 10 से लेकर 20 जनवरी तक रात को सो नहीं पाता था।