एडीजे अलका मलिक की अदालत ने एक नाबालिग छात्रा को बंधक बनाकर रेप करने के जुर्म में पंचकूला के विवेक भारद्वाज को सात साल की कैद और 61 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर उसे दो साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे सोमवार को दोषी करार दिया था।
पुलिस ने इस संबंध में 10 दिसंबर 2014 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार घटना वाले दिन राजगढ़ रोड के एक गांव की 16 साल की एक छात्रा जवाहर नगर में ट्यूशन पढ़ने आई थी। वह बाद में जवाहर नगर की गली नंबर एक के पास राजगढ़ रोड पर वीटा बूथ के पास पहुंची तो पंचकूला के विवेक भारद्वाज ने उसे आवाज लगाई।
फिर वह उसका बैग छीनकर साथ चलने के लिए कहने लगा। लोगों ने छात्रा का शोर सुनकर आरोपी युवक की पिटाई कर दी। विवेक के पास पिस्तौल थी। उसने पब्लिक को कहा कि लड़की मेरी मंगेतर है, इसके बाद भीड़ छंटने लगी।
फिर उसने पिस्तौल के बल पर उसे एक ऑटो रिक्शा में बिठा लिया और पारिजात चौक के पास एक होटल के कमरे में ले गया। फिर वह शराब पीने लगा और उसे सिगरेट से जलाने का प्रयास किया। उसके बाद उसने छात्रा के साथ रेप कर मोबाइल पर उसके आपत्तिजनक फोटो खींचे और वीडियो क्लिप बनाई। कुछ देर बाद फोटो दिखाकर उसने दोबारा रेप किया।
पीड़िता ने शिकायत में कहा था कि बाद में वह उसे गंगवा रोड पर नहर के पुल पर छोड़कर फरार हो गया था। रास्ते में उसने उसे जातिसूचक शब्द कहते हुए कहा था कि तेरे पिता जी ने मुझे एक दिन धमकाया था। आज मैंने उसका बदला ले लिया।
छात्रा ने शिकायत में कहा था कि सन 2011 में उसके पिता की ड्यूटी पंचकूला में थी। वह तब वहां गई थी। विवेक ने वहां उसके साथ छेड़छाड़ की थी और उसने यह बात अपने पिता को बता दी थी। तब उसके पिता ने विवेक को धमकाया था।
सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में नामजद के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अदालत ने उसे बंधक बनाने, रेप करने, मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने का दोषी मानकर सजा सुनाई है।