पिंजौर में बुधवार को दिनदहाड़े रीतू बुटीक के अंदर महिला की गला रेतकर हत्या से सनसनी फैल गई। वारदात के बाद सामने आए घटनाक्रम ने हर किसी को झकझोर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला ने हार नहीं मानी। वह बुटीक का शटर उठाकर खुद बाहर आई, मदद के लिए पुकारती रही और फिर दुकान के अंदर गई। डायरी में कथित संदेश लिखने के बाद महिला एक बार फिर बुटीक से बाहर आई और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। वारदात अब्दुल्लापुर कॉलोनी की मुख्य गली में हुई, जहां दिन के समय आवाजाही रहती है। गंभीर हालत में महिला को देखकर बाद में कुछ महिलाओं ने राजू नाम के राहगीर से मदद मांगी।
उसके बाद राजू ने महिला को बाइक पर बैठाया और पिंजौर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, तुरंत अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का उपचार शुरू किया। गले पर गहरी चोट होने के कारण काफी खून बह चुका था। हालत बेहद गंभीर थी। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद महिला की जान नहीं बच सकी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान राजेंद्र कौर के रूप में हुई है, जो रतपुर कॉलोनी में किराए के मकान में अपने दो बेटियों के साथ रहती थी और बुटीक चलाकर अपना गुजर-बसर करती थी।
वारदात के बाद पुलिस को खून से सना डायरी का एक पन्ना मिला है, जिस पर लिखा था- मुझे मारने वाला मेरा पति है... प्लीज हेल्प... इसके आगे सास, दो ननदों प्रीति व नीतू और देवर का नाम लिखे होने की बात सामने आई है। वहीं सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, वारदात से पहले एक संदिग्ध बुटीक में दाखिल हुआ था और महज दो मिनट बाद बाहर निकलकर शटर गिराते हुए मौके से चला गया। चार मिनट बाद घायल महिला खुद बाहर निकली। पुलिस अब सीसीटीवी, घटनास्थल और डायरी के पन्ने को जोड़कर पूरी वारदात की कड़ियां तलाश रही है।
पुलिस को आशंका.....दो मिनट में क्या हुआ, कैमरे ने दिखाई सिर्फ बाहर की कहानी
सीसीटीवी फुटेज में बुधवार दोपहर करीब 11:53 बजे एक संदिग्ध बुटीक के अंदर जाता दिखाई देता है। करीब दो मिनट बाद 11:55 बजे वह बाहर निकलता है और शटर नीचे कर देता है। इसके बाद वह वहां से चला जाता है। करीब चार मिनट बाद 11:59 बजे महिला खून से लथपथ हालत में शटर उठाकर बाहर आती है। वह मदद के लिए आवाज लगाती है। कुछ देर बाद वह फिर बुटीक के अंदर जाती है। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान उसने डायरी के पन्ने पर संदेश लिखा।
कपड़ों के नाप वाली डायरी में मिला खून से सना पन्ना
बुटीक में जिस डायरी का इस्तेमाल ग्राहकों के कपड़ों का नाप लिखने के लिए किया जाता था, उसी के एक पन्ने ने पुलिस के सामने जांच की नई दिशा खोल दी है। पन्ने पर खून के निशान के साथ कथित तौर पर पति और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम लिखे मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संदेश महिला ने खुद लिखा था या नहीं, इसे कब लिखा गया और लिखते समय उसकी हालत क्या थी। लिखावट की भी जांच कराई जा सकती है।