पत्नी ने अपने मोबाइल से बंद कराया पति का डेबिट कार्ड
उपभोक्ता फोरम ने बैंक को कहा देना होगा मुआवजा
- पति ने उपभोक्ता फोरम में बैंक के खिलाफ दी शिकायत
- फोरम ने 10 हजार मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पत्नी के द्वारा कॉल कर डेबिट कार्ड बंद करना बैंक को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता पुनीत निवासी सेक्टर-43 ए चंडीगढ़ ने सेक्टर-9डी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता पुनीत ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि वर्ष 2009 में आईसीआईसीआई बैंक ने सैलरी अकाउंट के लिए डेबिट कार्ड जारी किया था। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि 8 जुलाई 2017 को उक्त डेबिट कार्ड को बैंक ने बिना उनसे पूछे ही ब्लॉक कर दिया। जो कि आरबीआई के निर्देशों का उल्लंघन है।
जब उन्होंने इस बारे में पता किया तो बैंक ने कहा कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रिक्वेस्ट पर डेबिट कार्ड ब्लॉक किया गया है। जब मोबाइल नंबर पता किया तो पता चला कि जिस नंबर से ब्लॉक करने के लिए रिक्वेस्ट किया गया था वह नंबर तो उनकी पत्नी का था। उन्होंने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उनकी पत्नी उनसे अलग रहती है। पति और पत्नी के बीच कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इस संबंध में बैंक को शिकायतकर्ता ने नोटिस भी भेजा लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। बैंक ने उपभोक्ता फोरम में पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।