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पीजीआई की ओटी में डाक्टर पर मारपीट का आरोप

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पीजीआई की ओटी में डॉक्टर पर मारपीट का आरोप
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ओटी टेक्नीशियन ने पुलिस और पीजीआई प्रशासन को दी शिकायत
पीड़ित का आरोप, क्लैंप से सिर और हाथ पर आईं चोटें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई के आर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के सीनियर डॉक्टर पर एक ओटी टेक्नीशियन ने आपरेशन थियेटर के अंदर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ओटी टेक्नीशियन का आरोप है कि उसके हाथ और सिर पर चोटें आई हैं। जीएमएसएच-16 में मेडिकल कराने के बाद पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस और पीजीआई डायरेक्टर को दी है। दूसरी तरफ, डॉक्टर ने मारपीट के आरोप को नकार दिए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ओटी टेक्नीशियन के साथ कोई मारपीट नहीं की है।
ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार का आरोप है कि मंगलवार सुबह आर्थो की ओटी टेबल पर वह और डॉ. आदित्य अग्रवाल मौजूद थे। टेबल पर एक मरीज था। जब वह मरीज की करवटें बदलने लगा तो सपोर्ट देने के लिए लगा क्लैंप मरीज के फंस गया। उसने उसे निकालने की कोशिश की मगर वह नहीं निकला। इतने में डॉ. आदित्य अग्रवाल गुस्से में आ गए और खुद से क्लैंप निकाला। इससे उसके हाथ में चोट लग गई और ब्लीडिंग होने लगी। उसके बाद अग्रवाल ने सिर पर दे मारा, जिससे उसे सूजन आ गई।
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इसी बीच किसी ने पुलिस को भी सूचना दे दी। ओटी के बाहर पुलिसकर्मी और एनेस्थीसिया की कार्यवाहक एचओडी सहित अन्य फेकल्टी मेंबर भी पहुंच गए। राजेश ने आरोप लगाया कि पहले तो डॉ. आदित्य अग्रवाल ने मारने-पीटने के आरोप से साफ इंकार कर दिया। बाद में जब ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन ने पुलिस में केस दर्ज करने की धमकी दी तो उन्होंने कहा कि वे गुस्से में थे और इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। मगर राजेश और उसके साथी समझौते के लिए तैयार नहीं हुए।
राजेश सीधे जीएमएसएच-16 पहुंचे और अपना मेडिकल कराकर पुलिस में शिकायत दी। पुलिस की ओर से बताया गया है कि उन्हें शिकायत मिल गई है। डीडीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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आरोप पर डॉक्टर ने क्या कहा
डॉ. आदित्य अग्रवाल का कहना है कि आपरेशन थियेटर में मरीज को एनेस्थीसिया दिया जा चुका था। आपरेशन के लिए तय समय था। टेक्नीशियन मरीज का क्लैंप व्यवस्थित नहीं कर पा रहा था। मैंने टेक्नीशियन से कहा कि यदि वह नहीं कर पा रहा है तो किसी दूसरे टेक्नीशियन को बुला दे, लेकिन वह बाहर चला गया। सर्जरी पूरी होने के बाद वह आया और बोला कि आपकी वजह से मेरे हाथ से खून निकल रहा है। कुछ ही देर में यूनियन लीडर आ गए, जबकि कुछ भी विवाद नहीं हुआ था। यदि इतनी बात से वह आहत है तो मैं माफी मांगने को तैयार हूं।

कोट
इस पूरे मामले की जानकारी मिली है। पीजीआई ने इस मसले को सुलझाने के लिए डीन एकेडमिक को जिम्मेदारी सौंपी है। बातचीत से मसला सुलझ जाएगा।
-मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई


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