बख्शीखाने में दोषी ने काटी हाथ की नस, गले पर भी ब्लेड मारा
सेशंस कोर्ट के अपील खारिज करने पर किया खुदकुशी का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चेक बाउंस मामले के दोषी सेक्टर-38 निवासी अरुण धवन ने मंगलवार शाम जिला अदालत के बख्शीखाने में ब्लेड से हाथ और गला काट लिया। लहूलुहान देख बख्शीखाने के पुलिसकर्मियों ने उसे काबू किया। इसके बाद उसे सेक्टर-16 जीएमएसएच ले जाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
चेक बाउंस मामले में निचली अदालत अरुण को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुना चुकी है। इसके बाद उसने ने ऊपरी अदालत में अपील लगाई। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज अजीत अत्री की कोर्ट ने मंगलवार को धवन की अपील खारिज कर दी। इसपर पुलिसकर्मी उसे बख्शीखाने में ले गए। यहां पहुंचने पर उसने ब्लेड से हाथ व गले की नस काटकर खुदकुशी का प्रयास कर डाला। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने आरोपी अरुण के खिलाफ खुदकुशी के प्रयास का केस भी दर्ज कर लिया है।
यह था मामला
सेक्टर-38 निवासी सविता नाहर ने अरुण धवन के खिलाफ शिकायत दी थी कि उसने अगस्त 2012 में उनके पति से 4 लाख रुपये उधार लिए। कुछ समय बाद सविता के पति का निधन हो गया और उन्होंने धवन से पैसे वापस मांगे। इसपर उसने सविता को दो-दो लाख रुपये के दो चेक दिए। सविता ने चेक अकाउंट में लगाए तो वे बाउंस हो गए।