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शादी समारोह से अगवा बच्चे की हत्या में दो काबू
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आरोपियों में एक महिला भी शामिल, बच्चे के दादा से बदला लेने की हत्या: एसएसपी
बच्चे के दादा ने आरोपी महिला का दाना मंडी घनौर स्थित मकान खाली कराया था
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। घनौर के कांग्रेसी विधायक मदनलाल जलालपुर के बेटे के विवाह समागम से 5 दिसंबर को छह वर्ष के बच्चे मनान को अगवा करने के बाद हत्या करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। दोनों ने बच्चे के दादा से बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने पत्रकारों को बताया कि 5 दिसंबर को दाना मंडी घनौर में विवाह समागम से मनान पुत्र सोहल निवासी वार्ड नंबर 02 घनौर को अगवा कर लिया गया था। 21 दिसंबर को मनान की गली सड़ी लाश नहर के नजदीक गांव लाछी खुर्द के साथ लगते सूए की खदानों की झाड़ियों से बरामद हुई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अवनीश कुमार उर्फ काला निवासी गांव सोगलपुर थाना घनौर तहसील राजपुरा जिला पटियाला और सुनीता बेगम पत्नी रसीद खान निवासी मंजोली रोड घनौर को आज गिरफ्तार किया।
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एसएसपी सिद्धू ने बताया कि अवनीस कुमार काला दाना मंडी घनौर में करीब 16 वर्षों से बही खाते की दुकान करता आ रहा है। वहां इसके संबंध सुनीता बेगम निवासी दाना मंडी घनौर के साथ होने के कारण उसके घर आना जाना था। सुनीता बेगम पहले दाना मंडी घनौर में मनान के दादा नसीरुद्दीन के घर के सामने रहती थी। नसीरुद्दीन ने यह मकान खाली करवाने की पैरवी की थी। इसके बाद मार्केट कमेटी ने सुनीता बेगम से मकान खाली करवा लिया गया था। इसके बाद सुनीता बेगम ने घनौर क्षेत्र में ही प्लाट ले कर मकान बनाया था। अवनीश कुमार उर्फ काला और सुनीता बेगम को इस बात का काफी गिला था कि नसीरुद्दीन (मनान का दादा) ने इनका घर खाली करवाया है और यह दोनों नसीरुद्दीन को सबक सिखाने की ताक में थे।
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सद्धू ने बताया कि 5 दिसंबर को नसीरुद्दीन रा पोता मनान भी समागम में गया था, जहां अवनीश कुमार उर्फ काला को मनान मिल गया। वह मनान को आइसक्रीम खिलाने के बहाने अपनी आढ़त वाली दुकान पर ले गया। वहां अवनीश कुमार उर्फ काला ने मनान की बोरी की रस्सियों से गला घोटकर हत्या कर दी और दुकान बंद करके सुनीता बेगम के घर चला गया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे अवनीश बाइक पर सवार होकर दुकान पर आ गया और मनान की लाश दुकान से उठाकर नहर के साथ लगते सूखे सूए में उतर गया और झाड़ियों में मनान की लाश को फेंक दिया और फिर सुनीता बेगम के घर चला गया। वहां इसने हाथ धोए और सुनीता बेगम को बताया कि उसने मनान की लाश को ठिकाने लगा दिया है।
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