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एचसीएस पेपर लीक: टॉपर सुशीला ने दायर की जमानत याचिका

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टॉपर सुशीला ने दायर की जमानत याचिका
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एचसीएस पेपर लीक प्रकरण : कोर्ट ने एसआईटी से किया जवाब-तलब

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में जजों की नियुक्ति को लेकर हुई एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में तीसरी आरोपी आरक्षित वर्ग की टॉपर और पंचकूला निवासी एडवोकेट सुशीला ने जमानत के लिए जिला अदालत में याचिका दायर की है। विशेष अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम एसआईटी को 10 अप्रैल तक के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। वहीं मामले में आरोपी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट बलविंदर कुमार शर्मा की दूसरी बार दायर जमानत याचिका पर शुक्रवार को अदालत फैसला सुनाएगी।
सुशीला की ओर से दायर जमानत याचिका में दलील दी गई है कि वह मामले में बेकसूर है और उसे पुलिस ने केस में झूठा फंसाया है। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा वह जनवरी से न्यायिक हिरासत में है। अब पुलिस को उससे कोई पूछताछ भी नहीं करनी है और न ही कोई रिकवरी करनी है। वहीं पुलिस उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान दायर कर चुकी है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
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बता दें कि पुलिस ने 12 मार्च को सुशीला के खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान दायर किया था। करीब 1800 पेज के चालान में पुलिस ने सुशीला के खिलाफ केस में 48 गवाह बनाए हैं। इससे पहले पुलिस ने 5 जनवरी को मुख्य आरोपी सुनीता और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट बलविंदर कुमार शर्मा के खिलाफ 2140 पेज का चालान दायर किया था। एसआईटी ने तीनों को आईपीसी की धारा 409, 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8, 9, 13 (1) (डी) आर/डब्ल्यू 13 (2) के तहत आरोपी बनाया है।
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जनवरी में गिरफ्तार हुई थी सुशीला
एसआईटी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर 20 सितंबर 2017 को सुमन की शिकायत पर रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ. बलविंदर शर्मा, नई दिल्ली निवासी सुनीता और सुशीला के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। एसआईटी ने सुनीता को 9 नवंबर को गिरफ्तार किया था, जबकि डॉ. बलविंदर शर्मा को 28 दिसंबर को रोपड़ स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। वहीं सुशीला को इसी साल 14 जनवरी को गिरफ्तार किया था।
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