किराएदार बोले, चाचा तो कार खरीदने आए थे
हाउसफेड कांप्लेक्स में हुई कार्रवाई के बाद पहुंचे किराएदार ने कहा
हम तो दोस्त की शादी में गए थे, पता नहीं चाचा के साथ कौन था
सीसीटीवी फुटेज में दो महिला व युवक के साथ दिखा संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
फेज-दस स्थित हाउसफेड कांप्लेक्स में गैंगस्टर विक्की गौंडर की तलाश में पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा की गई कार्रवाई के बाद वहां लगे सीसीटीवी से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन्हें देखने से ऐसा लग रहा कि मानो आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। जिस फ्लैट में संदिग्ध रहने आया था। उसमें रहने वाले एक युवक का कहना है कि चाचा ने बताया था कि वह संडे बाजार से कार खरीदने अकेले आ रहे हैं। लेकिन फुटेज में संदिग्ध का एक अन्य साथी, एक बुजुर्ग महिला व युवती भी दिख रही है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपी इलाके के पूरी तरह से भेदी हैं।
जिस फ्लैट से संदिग्ध पकड़े गए हैं, उसमें किराए पर रहे मनिंदर ने बताया कि बताया कि वह मूलरूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। जबकि उनके पिता धनबाद में रहते हैं। दो महीने पहले किराए पर फ्लैट लिया था। वह वहां पर तीन लोग रहते थे। इनमें शिव कुमार, मनिंदर व दीपक शामिल हैं। ये तीनों चंडीगढ़ स्थित एक प्राइवेट हेयर ट्रांसप्लांट कंपनी में काम करते हैं। शनिवार को गोहाना (हरियाणा) में शिव की शादी थी। इसलिए सभी दोस्त शादी में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि शनिवार को अमृतसर स्थित तरनतारन रोड वाले चक्क में निवासी चाचा सुखपाल का फोन आया था। उन्होंने बताया कि वह चंडीगढ़ आ रहे हैं। उन्हें संडे को लगने वाले कार बाजार से कार खरीदनी है। इसके बाद उन्होंने चाचा से कहा कि उन्होंने फ्लैट की चाबी वहीं पर रख दी है। वहां से चाबी लेकर अपना काम कर लेना। इसके बाद रविवार सुबह उन्हें प्रॉपर्टी डीलर का फोन आया कि उनके फ्लैट पर कोई घटना हुई। लड़के पकड़े गए हैं, लेकिन मनिंदर को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह जब वह चंडीगढ़ पहुंचे तो सारी कहानी सामने आई। उन्होंने बताया कि उन्हें पता नहीं कि चाचा के साथ दूसरा व्यक्ति कौन है।
सीसीटीवी फुटेज में यह चीज दिखी
मनिंदर ने कहा कि उसके चाचा सुखपाल का फोन उसके पास शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आया था। उसके चाचा ने बताया था कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस स्टैंड पर पहुंच गए हैं। वह अकेले ही हैं। जबकि 6 बजकर 32 मिनट पर कांप्लेक्स में दाखिल हुए। उसके साथ एक व्यक्ति था। दोनों दो मिनट तक गेट पर ही खड़े रहे और इस बीच उन्होंने किसी को फोन किया। फोन करने के कुछ सेकेंड बाद ही कांप्लेक्स के अंदर से जिंस पैंट और कोट पहने एक युवती आई, उसके हाथ में बैग था। युवती ने इन दोनों को कुछ दिया और वह चली गई। उसके पीछे-पीछे सुखपाल चला गया। इसके कुछ सेकेंड बाद शॉल लिए एक महिला वहां आई, उसके हाथ में एक लिफाफा था, उसने दूसरे संदिग्ध से बात की और मुख्य गेट के बाहर जाकर खड़ी हो गई। वहीं पर संदिग्ध चला गया और महिला ने लिफाफा दूसरे संदिग्ध को दे दिया। उसके बाद जो शाल महिला ने ली हुई थी उसने उसे उतारा और एक जर्सी पहन ली। इसके बाद संदिग्ध और महिला दोनों सड़क की दूसरी ओर जाकर खडे़ हो गए। वहां पर एक सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें दोनों बैठे और कार वहां से चली गई।
मकान मालकिन बोलीं, किराएदारों की कराई थी वेरिफिकेशन
मकान मालिक दविंदर कौर ने बताया कि वह आनंदपुर साहिब में रहती हैं। खुद प्रिंसिपल पद से रिटायर हैं। जबकि उनके पति कर्नल रिटायर हैं। उनका बेटा ऑस्ट्रेलिया पुलिस में तैनात है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर जगदीप सिंह के माध्यम से मकान किराए पर दिया था। मकान किराए पर देने से पहले किराएदारों की वेरिफिकेशन करवाई थी। बाकायदा उनसे रेंट डील बनाई थी। उन्होंने बताया कि पहले कभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। अब उन्होंने फ्लैट वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वह 1998 से सोसाइटी से उनके पास फ्लैट हैं। कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी।