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एनके शर्मा और जोशी बरी

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फोटो ट्रैक (पंजाब के ध्यानार्थ)
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एनके शर्मा और विनीत जोशी बरी
नौ साल पुराने केस में डेराबस्सी विधायक और भाजपा प्रदेश सचिव को मिली राहत
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस टीम पर पथराव करने पर दर्ज हुआ था केस
होटल शिवालिक व्यू के पास रैली के दौरान हुई थी पुलिस से झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
नौ साल पुराने दंगा करने और सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में दर्ज मामले में जिला अदालत ने डेराबस्सी से शिअद के विधायक एनके शर्मा और भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोनों के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने धारा 147, 149, 332, 353, 427 और 34 आईपीसी के तहत चार्जशीट दायर की थी। मामला 2008 में सेक्टर-17 में महंगाई के खिलाफ रैली निकालने के दौरान का है।
मामले के अनुसार 23 जून 2008 को भाजपा और शिअद मिलकर केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान करीब 300 प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए पंजाब गवर्नर हाउस की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें सेक्टर-17 स्थित शिवालिक व्यू के पास रोक लिया। रैली का नेतृत्व तत्कालीन भाजपा यूथ विंग के सदस्य विनीत जोशी और एनके शर्मा कर रहे थे।
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ये लोग बिना यूटी प्रशासन की अनुमति के प्रदर्शन व रैली निकाल रहे थे। पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके साथ ही पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया। इससे कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए और कई सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। मामले में पुलिस ने 21 प्रदर्शनकारियों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उक्त सभी को एसडीएम के समक्ष पेश कर रिहा कर दिया था।
वहीं, मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस टीम पर पथराव करने समेत अन्य धाराओं के तहत अलग से दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने एनके शर्मा और विनीत जोशी को मामले में आरोपी बनाया था।
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इसी साल 23 मई को अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय कर 3 जुलाई से केस का ट्रायल शुरू किया था। करीब साढ़े पांच महीने चले ट्रायल के बाद सोमवार को अदालत ने गवाहियां समाप्त कर दी थीं। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष दोनों के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रहा। यहां तक कि पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जो सीडी अदालत में पेश की गई थी, वह भी असली है, यह साबित करने में नाकाम रहे। इस पर वीरवार को अदालत ने दोनों को बरी कर दिया।
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