कनाडा, हांगकांग, सिंगापुर और आस्ट्रेलिया में कैरियर संवारने का लालच देकर विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाली सेक्टर-51 निवासी इमीग्रेशन फ्रॉड क्वीन रश्मि नेगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुरुक्षेत्र के गांव बहलोलपुर निवासी अंकुर सैनी ने कनाडा, हांगकांग, सिंगापुर और आस्ट्रेलिया का वीजा लगवाने के लिए रश्मि नेगी को 34 लाख रुपये दिए थे। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने अंकुर सैनी की इसी शिकायत के आधार पर रश्मि नेगी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120-बी और इमीग्रेशन एक्ट-24 के तहत केस दर्ज किया था।
इसके अलावा 15 अन्य पीड़ित भी सामने आए हैं, जिनका आरोप है कि रश्मि व उसकी कंपनी ने विदेश का वीजा लगवाने के नाम पर ठगी की है। वहीं, रश्मि पर चंडीगढ़ के अलावा दूसरे राज्य में भी धोखाधड़ी के केस दर्ज है। पुलिस के अनुसार अंकुर सैनी ने 29 अगस्त 2018 को सेक्टर-9 स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में शिकायत दी थी। आरोप था कि रश्मि नेगी सेक्टर-34ए स्थित एससीओ नंबर (121/122 लेवल/1) में ड्रीम ग्लोबल कंसल्टेंट्स के नाम पर इमीग्रेशन फर्म चला रही है।
कंपनी की मालकिन रश्मि नेगी ने कनाडा, हांगकांग, सिंगापुर व अस्ट्रेलिया का वीजा लगवाने का वादा किया था। इसके लिए 34 लाख रुपये, पासपोर्ट व कुछ अन्य डाक्यूमेंट भी जमा करवाए गए थे। इसके बाद उसे फर्जी वीजा दे दिया गया। जब उससे शिकायत की गई तो उसने न तो विदेश भेजा और न ही रुपये वापस लौटाए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने लीगल राय लेने के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके अलावा 15 लोग भी सामने आए हैं, जिनका आरोप है कि रश्मि नेगी उनके साथ ठगी की है।
हो सकते हैं अहम खुलासे
मामला संज्ञान में आने के बाद सेक्टर-34 थाना प्रभारी बलदेव कुमार की अगुवाई में टीम का गठन किया गया। टीम ने सेक्टर-34 के एससीओ नंबर-126/127 के पास से इमीग्रेशन फ्रॉड क्वीन रश्मि नेगी को दबोच लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी महिला सोशल मीडिया, वेबसाइट समेत अन्य तरीकों से ठगी करती थी। पुलिस अब उससे पूछताछ करने में जुटी हुई है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अलग अलग राज्यों में दर्ज है केस
सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड, यूपी, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में आरोपी महिला पर केस दर्ज है। पुलिस जांच करने में जुटी है कि अब कितने लोगों को शिकार बनाया गया है। हालांकि, मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
ठगों से बचने का आसान तरीका
पुलिस की अपील है कि अगर किसी को विदेश जाने के लिए रुपये देने हैं तो हमेशा आरटीजीएस, चेक व बैंक में जमा करवाकर ही रुपये दें। कभी भी किसी को कैश न दें। इसके अलावा इमीग्रेशन कंपनी के बारे में चंडीगढ़ पुलिस की वेबसाइट पर भी चेक कर लें कि कहीं कंपनी फ्रॉड तो नहीं। किसी भी एजेंट के बारे में स्थानीय पुलिस स्टेशन से भी जानकारी हासिल की जा सकती है।
दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि पब्लिक विंडो पर शिकायत मिली थी कि महिला सेक्टर 34 में इमिग्रेशन कंपनी चला रही है और विदेश भेजने के नाम पर शिकायतकर्ता के जानकार से साढ़े 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने बीते अप्रैल महीने में मुल्लांपुर निवासी नीना शर्मा उर्फ मलकीत कौर को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी महिला के खिलाफ पंजाब में धोखाधड़ी के 47 केस दर्ज थे।