नेहा ने फौजी पिता से विरासत में पाई थी बहादुरी
पीपीएससी के एग्जाम में आठवां रैंक लेकर बनी थी ड्रग्स इंस्पेक्टर
- जल्द प्रमोट होकर असिस्टेंट कमिश्नर बनने वाली थी नेहा
- परिजनों की पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी ने बहादुरी विरासत में पाई थी। गलत के खिलाफ खड़े होने का जज्बा उनमें अपने फौजी पिता से आया था। नेहा के पिता भी सेना में थे। वे नेहा को फौज के किस्से सुनाते रहते थे। सरकारी नौकरी करने के पीछे नेहा की सोच यही थी कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सके। लेकिन अफसोस फर्ज की राह पर चलते हुए उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। ये बातें बताते हुए नेहा के भाई निशांत की आंखें भर आईं।
सेक्टर-12 निवासी नेहा के भाई निशांत शौरी ने बताया कि बहन के साथ बिताए पल चाहकर भी भुला नहीं सकता है। स्कूलिंग चंडीगढ़ स्थित सोलह मॉडल से की थी और पीयू से फार्मासिस्ट की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के एग्जाम में आठवां रैंक प्राप्त कर ड्रग्स इंस्पेक्टर की जॉब हासिल की थी। उन्होंने बताया कि नेहा प्रमोट होने वाली थी और वह असिस्टेंट कमिश्नर बनने वाली थीं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह ख्वाब साकार नहीं होंगे और वह हमें छोड़कर चली जाएगी।
नेहा के शव से लिपटकर रोए परिजन
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार दोपहर सेक्टर-6 स्थित निवास स्थान पर जब नेहा का शव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। हर किसी की आंखें नम थीं। परिजन शव से लिपट लिपटकर रो रहे थे।
मुझे बुआ से बात करनी है
नेहा की छह साल की भतीजी, जिसकी आंखों के सामने इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया, वह शव के पास खड़ी थी। वह बार बार अपनी बुआ से बात करने की जिद कर रही थी। बोली-मुझे बुआ से बात करनी है। बुआ उठ क्यों नहीं रही हैं। मासूम बच्ची की ये बातें सुनकर परिजनों के साथ वहां मौजूद लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए।
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आशंका
निशांत शौरी ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आशंका जताई है। आरोप है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया उससे ऐसा लगता है कि इस घटना में डिपार्टमेंट के भी उच्चाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। क्योंकि शुक्रवार को नेहा ऑफिस में निर्धारित टाइम से काफी लेट गईं थीं। वह जैसे ही सीट पर बैठीं उसके कुछ ही देर में हत्यारोपी कैसे उनके पास पहुंच गया। इतना ही नहीं उसने चंद सेकेंड में वारदात को अंजाम दे दिया। जबकि पुलिस वाले कुछ और ही कहानी बना रहे हैं।
पुलिस ने परिवार को बताया, आरोपी था साइको
हत्याकांड की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्यारोपी मानसिक तौर पर ठीक नहीं था। जबकि पुलिस के इस बयान पर परिवार के सदस्यों ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब हत्यारोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी तो उसका प्रशासनिक अधिकारियों ने असलहे का लाइसेंस कैसे जारी कर दिया। इतना ही नहीं उसकी बैक ग्राउंड क्रिमिनल थी।
क्यों नहीं जमा करवाया गया हथियार
निशांत का आरोप है कि हत्यारोपी को आज से करीब 20 दिन पहले असलहे का लाइसेंस दिया गया। जबकि देश में आदर्श आचार चुनाव संहिता लागू है। ऐसे समय में तो पुलिस और प्रशासन जिन लोगों के पास असलहा है उसे भी जमा करवा लेती है। फिर हत्यारोपी को कैसे लाइसेंस दे दिया गया और उसके हथियार को क्यों नहीं जमा करवाया गया। ये भी जांच का विषय है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले, उच्चस्तरीय करवाएंगे जांच
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा परिवार को सांत्वना देने शुक्रवार दोपहर 12.55 बजे पंचकूला स्थित नेहा के निवास स्थान पर पहुंचे। वह घर पर करीब 17 मिनट रुके। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें विश्वास दिलाया कि नेहा के हत्यारोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। वह इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर उन्होंने डीजीपी को भी फोन मिलाया था, लेकिन मीटिंग में होने के कारण बात नहीं हो पाई।
पंचतत्व में विलीन हुई नेहा, पति ने दी मुखाग्नि
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा का पार्थिव शरीर घर लाया गया। इसके बाद वहां से अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा मनीमाजरा श्मशान घाट के लिए साढ़े तीन बजे रवाना हुई, जो ठीक चार बजे श्मशान घाट पहुंची। जहां चिता को मुखाग्नि वरुण मोगा दी। अंतिम शवयात्रा में श्रद्धांजलि देने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में पहुंचे, जिन्होंने नेहा को नम आंखों से श्रद्धासुमन अर्पित किया और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। इस मौके पर कर्नल अमर शर्मा, कर्नल मोहित शर्मा और व्यापार मंडल जिला प्रधान बॉबी सिंह मौजूद रहे।