धोखाधड़ी के बाद आरोपी महेंदर ने खोला ढाबा, खरीदी कार
- पुलिस ने पूछताछ के बाद की पैसे की रिकवरी
- आरोपी राजिंदर राजा को खोजने के लिए पुलिस ट्रेस कर रही लोकेशन
- नरवाना के रहने वाला राजिंदर राजा सहित अन्य लोग शामिल है इस धोखाधड़ी में
- एचएसवीपी के पदाधिकारियों की ओर से की जा सकती है पूछताछ
- आरोपी महेंदर को पुलिस ने 85 लाख की रिकवरी के लिए पकड़ा था
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। प्लाट ट्रांसफर कराने के मामले में आरोपी महेेंदर सिंह से पूछताछ में पंचकूला पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोपी महेंदर सिंह ने धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम से एमडीसी में करीब 25 लाख रुपये की लागत से अपना रेस्टोरेंट खोला था। इसके अलावा उसने छह लाख की रकम से बीट गाड़ी भी खरीदी थी। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया है। वहीं आरोपी के अकाउंट से लेन-देन न हो सके। इसके लिए बैंकों को लेटर भी लिखा है। पुलिस ने आरोपी महेंदर सिंह से बाकी की रकम बरामद करने के लिए आरोपी को तीन दिन का रिमांड लिया है। साथ ही आरोपी से फर्जी पैन कार्ड भी बरामद कर लिया गया है। जांच अधिकारी सुखविंदर कुमार ने बताया कि आरोपी से करीब 40 लाख रुपये की रकम बरामद की है। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसमें मुख्य रूप से शामिल आरोपी राजिंदर राजा की तलाश पुलिस की ओर से की जा रही है। राजिंदर राजा नरवाना का रहने वाला है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापामारी कर रही है।
सभी अकाउंट फ्रीज करने के लिए बैंक को लिखा लेटर
प्लाट ट्रांसफर करने के मामले में जिन आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं। उन सभी के बैंक अकाउंट को बंद कराने के लिए बैंकों को लेटर लिखा गया है। प्लाट ट्रांसफर मामले में करीब 85 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने फर्जी आधार कार्ड से प्लाट ट्रांसफर मामले में केस दर्ज कराया था। इसमें कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस की ओर से जांच जारी है। जल्द ही एचएसवीपी के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
राजिंदर राजा को पकड़ने के लिए पुलिस ने मारा छापा
इस मामले में आरोपी राजिंदर राजा को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की गई है। उसके बैंक अकाउंट को बंद करने के लिए बैंक में लेटर लिखा गया है। रकम लेने में इसकी भी मुख्य भूमिका रही है। राजकमल बंटे के नाम के फर्जी आधार कार्ड भी आरोपी महेंदर कुमार से बरामद किए गए हैं।
फर्जी आधार कार्ड से प्लाट ट्रांसफर करवाने का किया था प्रयास
शिमला के रहने वाले राजकमल बंटे के पंचकूला में दो प्लाट हैं। सेक्टर-4 में 14 मरले का प्लाट है और सेक्टर-8 में एक कनाल का प्लाट है। दोनों की कीमत बारह करोड़ हैं। कई साल से दोनों प्लाट खाली पड़े हैं। आरोप है ऋषि नाम का व्यक्ति इसी का फायदा उठाकर राजकमल बंटे के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इसके दम पर एक प्लाट की ट्रांसफर परमिशन ले ली थी। यह कार्ड ऋषि ने महेंदर कुमार की शह पर बनवाया था। महेंदर कुमार ने आलाधिकारियों से सेटिंग कर यह कार्ड बनवाया था और पहला प्लाट ट्रांसफर करवाने के बाद दूसरे के लिए अप्लाई कर रखा था। इसी दौरान हस्ताक्षर का मिलान न होने पर एचएसवीपी ने गड़बड़ी पकड़ ली थी। एचएसवीपी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। पुलिस ने राजकमल बंटे बने ऋषि कुमार से पूछताछ के बाद मास्टरमाइंड महेंदर कुमार को गिरफ्तार किया था।
मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आरोपी महेंदर कुमार से रिकवरी की है। आरोपी महेंदर कुमार को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी कर रही है। - रामपाल सिंह, थाना प्रभारी, सेक्टर-5 थाना।