स्कूल से घर लौट रहे छात्र को ट्रक ने मारी टक्कर, मौत
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिंजौर में नौंवी कक्षा का छात्र था इमरान
- यमुनानगर निवासी नरेंद्र को ट्रक के साथ किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों के लगातार हो रहे आवागमन के कारण वीरवार को हुई सड़क दुर्घटना मेें एक घर का चिराग बुझ गया। घटना के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिंजौर में नौंवी कक्षा का छात्र इमरान निवासी पावर हॉउस कालोनी सूरजपुर छुट्टी के बाद करीब साढ़े तीन बजे वापस अपने घर जा रहा था। इस दौरान पिंजौर-नालागढ़ रोड पर सैनी स्पोर्ट्स शॉप के नजदीक एक कंटेनर ने इमरान को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद इमरान बेसुध होकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद आसपास के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंजौर पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक इमरान के चाचा लाल दीन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 14 वर्षीय भतीजा इमरान सरकारी स्कूल पिंजौर में पढ़ता है और वीरवार को स्कूल की छुट्टी के बाद वह पैदल पिंजौर-नालागढ़ रोड पर गांव लोहगढ़ की ओर जा रहा था। उसके भतीजे के अलावा अन्य स्कूली बच्चे भी रोड के किनारे से जा रहे थे, इस दौरान पिंजौर से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने उसके भतीजे को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उसका भतीजा बेसुध होकर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक समेत पिंजौर-नालागढ़ रोड पर स्थित रेलवे फाटक की ओर भाग गया। मृतक के चाचा ने बताया कि घटना के बाद उसने भागते ट्रक कंटेनर का पीछा किया और रेलवे फाटक से पहले ही ट्रक चालक को काबू कर लिया। मृतक के चाचा ने बताया कि आरोपी ट्रक चालक का नाम नरेंद्र निवासी यमुनानगर है और फिलहाल वह रविंद्रा एनक्लेव बलटाना में रह रहा है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भारी वाहनों की एंट्री बंद कराने की मांग की
मौके पर मौजूद वार्ड 3 के पूर्व पार्षद सतिंद्र टोनी, पूर्व चेयरमैन विजय बंसल, जौहर आदि ने बताया कि पहले भी एक ट्रक ने एक दादा और पोती को कुचल दिया था। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग करते हुए शहर में स्कूलों की छुट्टी के समय भारी वाहनों की एंट्री बंद करवा दी थी। लेकिन प्रशासन नो एंट्री के आदेश की पालना सही ढंग से नहीं करवा सका नतीजतन पुलिस और प्रशासन की अनदेखी और नाकामी के चलते उसी प्रकार के हादसे की वीरवार को पुनरावृत्ति होने से एक बार फिर एक घर का चिराग बुझ गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की भारी वाहनों की शहर में नियमों के अनुसार एंट्री बंद की जाए।