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आरटीआई का जवाब न देने पर लगा 25 हजार जुर्माना

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आरटीआई का जवाब न देने पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना
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- आधे-अधूरे डॉक्यूमेंट जमा करवाकर बढ़ा दी स्कूलों की फीस
- विभागीय अधिकारियों की किरकिरी करवा रहे स्कूल संचालक

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी न देने के मामले को स्टेट इंफार्मेशन कमीशन हरियाणा ने गंभीरता से लिया है। कमीशन ने इस मामले में एसपीआईओ कम डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ डिस्ट्रिक्ट ऐलिमेंट्री एजूकेशन ऑफिसर पंचकूला दीपचंद पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कमीशन ने जुर्माने की राशि दीपचंद की सैलरी से काटने का आदेश दिया है।
जीरकपुर निवासी मनीष बांगड़ ने आरटीआई लगाकर स्कूल से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी मांगी थी, लेकिन अधिकारी ने जवाब को देना उचित नहीं समझा। मुनीष कुमार ने बताया कि उन्होंने फार्म 6 जमा करवाने वाले स्कूलों के नाम और ऑडिट रिपोर्ट आरटीआई के तहत मांगी थी। जोकि उन्हें संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालक हरियाणा एजूकेशन के नियम 2007 के अनुसार फार्म 6 जमा करवाने और सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही फीस बढ़ा सकते हैं। लेकिन शहर में कई ऐसे निजी स्कूल संचालक हैं जिन्होंने नियमों की अनदेखी कर फीस बढ़ा दी है। जब यह मामला उनके संज्ञान में बताया तो उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उन्हें किसी अधिकारी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद जवाब पाने के लिए उन्होंने आरटीआई का सहारा लिया।
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आरटीआई एक्टीविस्ट ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों ने अपने आधे-अधूरे डॉक्यूमेंट्स जमा करवा कर फीस बढ़ा रहे हैं। बताया कि उन्होंने आरटीआई के तहत जुलाई 2018 में जवाब मांगा था, जिसका निर्धारित समय के भीतर जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने री-अपील की। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया। इस मामले में स्टेट इंफार्मेशन कमीशन हरियाणा ने शिक्षा विभाग के अधिकारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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