छत्रपति हत्याकांड: 11 जनवरी तक यथावत रहेगी शहर की सुरक्षा
- उपायुक्त ने कहा कि लापरवाही बरने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
- शहरवासियों से शांति का माहौल बनाए रखने का किया आह्वान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। 11 जनवरी तक शहर की सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द रहेंगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश उपायुक्त मुकुल कुमार ने बुधवार को जारी किया है। उन्होंने कहा कि जब तक डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पेशी नहीं हो जाती सुरक्षा में तैनात जवान अपने प्वाइंट पर ही तैनात रहेंगे। शहर के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट पर वाहनों की विधिवत चेकिंग की जाएगी। यदि चेकिंग के दौरान कोई प्रतिबंधित सामान मिलता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उपायुक्त मुकुल कुमार ने शहरवासियों से भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम में दें।
शहर में चली सघन चेकिंग
गुरमीत राम रहीम की पेशी को लेकर बुधवार को भी शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस जवानों ने शहर में प्रवेश करने वाली हर गाड़ी को रोककर चेकिंग की। इस तरह की चेकिंग को देखकर वाहन चालकों के होश उड़ गए। वहीं, कुछ वाहन चालकों से पुलिस अधिकारियों ने लंबी पूछताछ के बाद जाने दिया। सबसे ज्यादा वाहनों की चेकिंग कोर्ट के एंट्री प्वाइंट पर की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त के आदेश पर शहर के भीतर 17 से अधिक नाके लगे हैं।
1000 जवान सुरक्षा के किए तैनात
शहर में प्रशासन की ओर से पांच मजिस्ट्रेट व चार पुलिस बटालियन सुरक्षा में तैनात है। बता दें कि एक बटालियन में 120 जवान होते हैं। इस प्रकार कुल 480 जवान व करीब 450 स्थानीय पुलिस बल ने शहर को सील किया हुआ है। गौरतलब है कि अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को दोषी करार देने के बाद शहर में हुई आगजनी व दंगे के दौरान 38 लोगों की जान चली गई थी। इसी हादसे को ध्यान में रखते हुए सरकार व प्रशासन शहर में पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर किए हुए हैं।