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अध्यापिका को अश्लील प्रेम पत्र लिखे, अभिभावकों ने माफी मांग जान छुड़ाई, फिर की अध्यापिकाओं की ही शिकायत

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छात्र ने अध्यापिका को लिखा प्रेमपत्र
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अभिभावकों ने माफी मांगकर जान छुड़ाई, फिर की अध्यापिकाओं की ही शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
माहिलपुर (होशियारपुर)। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़के) में स्कूल की नवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक विद्यार्थी ने अपनी ही अध्यापिका को प्रेम पत्र लिख दिया। प्रबंधकों ने इस की शिकायत माहलपुर पुलिस को देकर विद्यार्थी को स्कूल से निकाल दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब विद्यार्थी के पिता ने स्कूल की दो अध्यापिकाओं की बदली करवाने के लिए शिक्षा मंत्री को शिकायतें कर दीं।
जानकारी के अनुसार विद्यार्थी ने कुछ दिन पहले स्कूल की एक अध्यापिका को प्रेम पत्र लिख कर उस के कमरे में पड़े उसके निजी मेज पर रख दिए। अध्यापिका उस समय पर अपने कमरे में नहीं थी। विद्यार्थी ने यह प्रेम पत्र अपने एक मित्र की सहायता के साथ अध्यापिका के मेज पर रखा था। कमरे में पहुंचते ही अध्यापिका ने पत्र हाथ आते ही उस की लेखनी पहचान कर इस की शिकायत तुरंत स्कूल प्रमुख से की। बाद में स्कूल प्रबंधकों और अध्यापिका के जोर देने पर मामला थाने पहुंच गया। वहां विद्यार्थी के मां-बाप ने माफी मांग कर मामला शांत कराया।
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प्रबंधकों ने विद्यार्थी की गलती के मद्देनजर उसे सर्टिफिकेट देकर स्कूल से निकाल दिया। मामले को उस समय नया मोड़ ले लिया जब विद्यार्थी के पिता ने अपने लड़के की गलती से मुकरते हुए शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजकर दो अध्यापिकाओं की बदली करने की मांग की। अपनी शिकायत में छात्र के पिता ने लिखा है कि स्कूल की दो अध्यापिकाओं ने उनके लड़के का नाम बिना वजह काट दिया है। वह स्कूल में अच्छी तरह नहीं पढ़ातीं, उस के लड़के से नफरत करती हैं और पुलिस विभाग में तैनात अपने पिता की धमकी देती हैं। पिता ने दूसरा पत्र स्कूल के प्रिंसिपल को लिख कर अपने लड़के को फिर दाखिल करने की अर्जी दी है। प्रिंसिपल ने लड़के की तरफ से प्रेम पत्र लिखे जाने की पुष्टि करते बताया उक्त विद्यार्थी का पिता ही लिखित अर्जी देकर कर सर्टिफिकेट ले गया है कि वह लड़के को पढ़ाना ही नहीं चाहता।
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