डिलीवरी के दौरान निजी अस्पताल में महिला की मौत
दोनों जुड़वां बच्चे सलामत, परिजनों की शिकायत पर डॉक्टर दंपति के खिलाफ केस दर्ज
रोपड़। श्री आनंदपुर साहिब के अस्पताल में वीरवार देर रात एक महिला की डिलीवरी के बाद मौत हो गई। महिला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है, जो खतरे से बाहर है। लेकिन डिलीवरी के बाद महिला को लगातार तीन घंटे से ज्यादा समय तक ब्लीडिंग होती रही। इसके बाद डॉक्टर ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। जहां रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। मृतक महिला के पारिवारिक सदस्यों ने डॉक्टर पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। थाना सिटी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतक के पति मनदीप सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी बलजीत कौर (30) को वीरवार दोपहर को श्री आनंदपुर साहिब के निजी अस्पताल में डिलीवरी के लिए लाया गया था। डिलीवरी के उपरांत जुड़वा दो बच्चे लड़का और लड़की पैदा हुए। डिलीवरी के उपरांत बलजीत कौर की ब्लीडिंग बंद नहीं हुई। डॉक्टरों ने देर शाम उसे बताया कि बच्चे की मां का खून बहना बंद नही हो रहा है। इसके कारण उसे पीजीआई रेफर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन घंटे से भी ज्यादा समय तक बलजीत कौर का खून बहता रहा। लेकिन डॉक्टरों ने परिवार को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जब वह पीजीआई जा रहे थे तो रास्ते में ही बलजीत कौर की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिवार वालों ने नूरपुरबेदी क्षेत्र के लोगों के साथ देर रात एकत्रित होकर अस्पताल के बाहर रोष प्रदर्शन किया। एसएचओ सतीश कुमार शर्मा पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। थाना सिटी इंचार्ज एएसआई गुरमुख सिंह ने कहा कि मृतका के पति मनदीप सिंह के बयान के आधार पर डॉक्टर दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है । भाई जैता जी सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. कविता भाटिया ने कहा कि अस्पताल के खिलाफ मिली शिकायत के आधार पर विभागी जांच शुरू की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. भरत जसवाल ने अपने पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद और गलत हैं। उनकी ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है।