मोबाइल चोरी के खेल में इंस्पेक्टर समेत 5 पर केस
आईएमईआई नंबर बदलकर सस्ते भाव पर बेचते थे चोरी के मोबाइल
सीआईए इंसपेक्टर अमनपाल सिंह को कोठी जाकर पैसे देते थे दलाल
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा। चोरी के मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर बदलकर सस्ते भाव पर बेचने के खेल में सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर अमनपाल सिंह विर्क के शामिल होने का आरोप लगा है। कई दुकानदारों को केस से निकालने के लिए उनसे पैसे बटोरने थाना सिटी -1 मानसा की पुलिस ने सीआईए स्टाफ मानसा के प्रमुख समेत चार दलालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इसमें कई ओर व्यक्ति भी हत्थे आ सकते हैं।
थाना सिटी -1 मानसा के प्रमुख जसवीर सिंह के मुताबिक कुछ दिन पहले सीआईए स्टाफ मानसा के प्रमुख अमनपाल सिंह विर्क ने चोरी के मोबाइल फोनों समेत कुछ व्यक्तियों को काबू करके उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद चर्चा छिड़ गई कि पुलिस ने कई व्यक्तियों से इस मामले में से निकालने के लिए पैसों की मांग की, जिसमें शहर के कई दलालों ने पुलिस का साथ दिया। यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा। इस पर पड़ताल शुरू हो गई। कुछ दुकानदारों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने सीआईए इंचार्ज को उसकी कोठी में जाकर 50 हजार रुपये, एक दलाल को 30 हजार रुपये और एक अन्य को नगदी दी, जिनमें से कुछ पैसे दलाल खा गए और कुछ पुलिस। इस मामले की पड़ताल शुरू हुई तो सामने आया कि सीआईए इंचार्ज अमनपाल सिंह विर्क ने दलालों से इन पैसों की मांग की।
दुकानदारों अनुसार उक्त मामले में कई व्यक्तियों को काबू करने के बाद सीआईए स्टाफ मानसा की पुलिस ने उनको कई बार सीआईए स्टाफ दफ्तर में बुलाया और उन पर दबाव बनाया गया। एक दुकानदार से 35 हजार रुपये, एक से 30 हजार रुपए, एक से 10 हजार रुपये लिए गए। कई दुकानदारों की पिटाई करने के भी आरोप लगे हैं। थाना सिटी -1 मानसा की पुलिस ने इस आरोप में सीआईए स्टाफ मानसा के इंचार्ज अमनपाल सिंह विर्क, अशोक कुमार, नीटा गोयल, बिकी भारेवाला, जच्जी, बिट्टू वासी मानसा के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। थाना सिटी -1 मानसा के प्रमुख जसवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है।