‘सनी और नीला ने चोरी किया था गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप’
डेरा प्रेमी बिट्टू ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने कराया बयान दर्ज
दीवान से प्रभावित होकर डेरा छोड़ने लगे थे प्रेमी, इसलिए रची गई थी साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। थाना सिटी में दर्ज करीब 7 साल पुराने सरकारी संपत्ति को जलाने के मामले में गिरफ्तार 10 डेरा प्रेमियों का पुलिस रिमांड खत्म होने बाद बुधवार को डेरा सिरसा की 45 सदस्य कमेटी के नेता महिंद्र पाल बिट्टू को ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुरभिंदर सिंह जौहल की अदालत में पेश किया गया।
इन सभी को आरोपी करार दिए जाने के बाद सीआईए स्टाफ में सीबीआई की डीआईजी रैंक की महिला अधिकारी के नेतृत्व में टीम के करीब 8 सदस्यों ने रिमांड दौरान बरगाड़ी कांड की पूछताछ की जांच रिपोर्ट को चेक किया। पंजाब पुलिस की एसआईटी में एसपी हरप्रीत सिंह सोहल, डीएसपी भिखीविंड सुलखण सिंह, इंस्पेक्टर दलबीर सिंह इंचार्ज सीआईए सरहिंद, एसआई इकबाल हुसैन, एएसआई हरप्रीत सिंह शामिल हैं।
दोपहर बाद पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंधों में महिंद्र पाल बिट्टू के धारा 164 सीआरपीसी तहत अदालत में बयान दर्ज कराए। सूत्रों के अनुसार बिट्टू ने जुर्म इकबाल का बयान दिया है। सूत्रों के अनुसार दिए बयान में कहा गया है कि गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला (फरीदकोट) के गुरु घर से 1 जून 2015 को गुरु ग्रंथ साहिब का सरूप डेरा प्रेमी सुखजिंदर सिंह उर्फ सनी और रणदीप सिंह उर्फ नीला ने चोरी किया था। वह बाइक पर गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला पहुंचे और इसके बाद बाकी आरोपियों ने उनका साथ दिया। सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों की पुलिस ने गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला को आने जाने वाले रास्ते की निशानदेही कराई है। अब सीबीआई किसी समय पर भी इन डेरा प्रेमियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर सकती है। वैसे सीबीआई पुलिस रिमांड के दौरान डेरा प्रेमियों से पड़ताल कर चुकी है।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार डेरा प्रेमियों ने रिमांड में अहम खुलासा किया है कि सिख प्रचारक भाई मांझी के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में लगे दीवान से प्रभावित होकर कई डेरा प्रेमी डेरा सिरसा छोड़ने लगे थे, जिस कारण यह साजिश तैयार की गई।
फाइल फोटो कैप्शन - मोगा अदालत में महिंद्र पाल बिट्टू को पेश करते समय की फाइल फोटो