बिजली बोर्ड का जेई 2 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
किसान के दो ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर मांगे थे 8 हजार
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर के डीएसपी रछपाल सिंह जिनके पास मोगा का भी चार्ज है, ने बातचीत करते हुए बताया कि रिश्वतखोरी के खिलाफ पंजाब सरकार के निर्देशों पर विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत बुधवार को पावरकाम के एक जूनियर इंजीनियर को एक किसान से रिश्वत लेते रंगे हाथ काबू किया। डीएसपी विजिलेंस ने बताया कि किसान गुरमेल सिंह पुत्र बचन सिंह निवासी गांव फतेहगढ़ रोटाना ने हमें बताया कि मेरे पास थोड़ी जमीन है, जबकि विदेश रहते भाई की जमीन ठेके पर लेता हूं। मेरे तथा मेरे भाई के खेतों में लगे बिजली के दोनों ट्रांसफार्मरों से 20 मई 2018 को तेल चोरी हो गया था, जिस पर गांव भिंडरकलां में स्थित पावरकाम कार्यालय जाकर एसडीओ गुरदास चंद से ट्रांसफार्मरों को बदलने की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि पहले इसकी रिपोर्ट दर्ज कराओ। जिस पर थाना धर्मकोट में रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इसके बाद भिंडरकलां में तैनात पावरकाम के जेई जसवंत सिंह से ट्रांसफार्मर बदलने की बात की, तो उन्होंने कहा कि 7-8 हजार रुपये खर्च आएगा। क्योंकि धान की पनीरी पानी के बगैर सूख रही थी। उसने मुझे कहा कि अगर तुमने जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाने हैं, तो करीब 8 हजार रुपये खर्च आएगा। जिस पर उसे दो दिन पहले 2 हजार रुपये दे दिए और बुधवार को वह मोगा पावरकॉम कार्यालय में आया था। डीएसपी विजिलेंस ने बताया कि किसान ने 2 हजार रुपये जेई को देने की बात की थी। जिस पर वह और सहायक थानेदार रेशम सिंह, गुरइकबाल सिंह, हरजिंद्र सिंह, तेजिंद्र कुमार, गुरमीत सिंह तथा अन्य विजिलेंस कर्मचारियों के अलावा डॉ. केशविंद्र सिंह चूहड़चक्क तथा डॉ. अमनदीप सिंह मेलक कंगा दोनों वैटरनरी डाक्टरों (सरकारी गवाह) को साथ लेकर जीटी रोड पर पावरकाम के कार्यालय में पहुंचे, जहां जेई के साथ किसान की पैसे लेने की बात तय हुई थी। जैसे ही किसान गुरमेल सिंह ने जेई जसवंत सिंह को 2 हजार रुपये रिश्वत के दिए, तो हमारी टीम ने उसे दबोच लिया। उन्होंने कहा कि कथित आरोपी के खिलाफ विजीलैंस ब्यूरो फिरोजपुर में मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसे पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।
फोटो कैप्शन -पावरकाम का जेई विजिलेंस टीम के साथ