बेटी की हत्यारी मां व प्रेमी को उम्रकैद
संबंधों का विरोध करने पर बेटी को जलाकर मारा था
होशियारपुर।
प्रेम संबंधों के विरोध बेटी को जलाकर मारने के मामले में आरोपी मां व उसके प्रेमी को कोर्ट ने दोषी करार दिया। एडिशनल डिस्ट्रिक व सेशन जज प्रिया सूद की कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दोनों दोषियों को तीन तीन महीने और सजा काटनी होगी।
ठीकरी टांडा निवासी राजजिंदर कौर पत्नी विपिनवीर सिंह ने 17 अगस्त 2015 को जेएमआईसी (डी) जालंधर अरुण गुप्ता के समक्ष अपने ब्यान दर्ज करवाये थे। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया था किउसकी मां कुलवंत कौर पत्नी गुरदीप सिंह उसके साथ लड़ने के लिए उसके ससुराली घर आई थी। कारण यह था कि वह अपनी मां को अपने चाचा महिंदर सिंह सिंह के साथ संबंध का विरोध करती थी। उसकी मां ने ससुराली घर जाकर उसके साथ लड़ाई की और उसे अपने मायके घर आने को कहा। जब वब करीब तीन बजे तलवंडी डंडिया गई तो मां छत पर खड़ी थी। मां ने उस पर ईंट व पत्थर मारने शुरू कर दिये। इस दौरान उसने महिंदर सिंह को फोन लगाया और कहा आजा इसका काम तमाम करें। इसके बाद महिंदर सिंह तेल लेकर आया और दोनों ने उस पर तेल छिड़क दिया। इसके बाद चाचा महिंदर सिंह ने आग लगाई। मां ने उसके पिता विपिनवीर सिंह को फोन करके कहा कि राजजिंदर कौर को अपने आप आग लग गई हैं।
इसके बाद उसे टांडा सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया. वहां के डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल रेफर दिया और वहां से कैपिटल अस्पताल जालंधर रेफर कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने जेएमआईसी जालंधर के समक्ष पीड़िता के ब्यान दर्ज कराए। डाक्टरों ने बताया था कि पीड़िता 90 प्रतिशत तक चल चुकी हैं। एसएचओ जगदीश राज ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 307 के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें काबू कर लिया था। वीरवार को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास जुर्माने की सजा सुनाई।