माहिर तस्करों को पाक से पिस्तौल, अफीम का गिफ्ट
हेरोइन पकड़े जाने खबरों की कटिंग से माफ हो जाती है अदायगी
अखबारों में छपी खबरों की कटिंग वाट्सएप से भेजी जाती है पाक
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
सीमा पार से भारत आने के दौरान सरहद पर पकड़ी जाने वाली हेरोइन, हथियारों की खेप की अखबारों में खबरें छापने पर पाकिस्तानी तस्कर अदायगी माफ कर देते है। इतना ही नहीं तस्करी में माहिर तस्करों को तोहफे के तौर पर पाकिस्तानी तस्करों के आका 9 एमएम की पिस्तौल व अफीम का तोहफा हेरोइन खेप के साथ भेजते हैं। इसका खुलासा इस साल सूबे भर से काउंटर इंटेलिजेंस व एसटीएफ की ओर से पकडे़ गए बडे तस्करों से हुआ है, इसकी पुष्टि काउंटर इंटेेलीजेंस के एआईजी नारिंदरपाल सिंह सिद्धू ने भी की है। अखबारों में छपी खबरों की कटिंग वाट्सएप के जरिये पाक तस्करों को भेजी जाती है।
पकडे़ गए तस्करों के खुलासे के बाद से यह बात साफ हो गगई है कि सरहद पर हेरोइन की खेप के साथ एक पिस्तौल व ढाई सौ ग्राम से आधा किलो तक अफगानिस्तानी अफीम बरामद होती है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ा रहस्य होता था कि हेरोइन की बड़ी खेपों के साथ एक ही पिस्तौल व आधा किलो तक अफीम क्यों आती है। पंजाब के सबसे छोटी उम्र के तस्कर जोगिंदर सिंह उर्फ समी उर्फ जीता के पास से इस प्रकार की पिस्तौल बरामद हो चुकी है, इसी पिस्तौल से तरनतारन व पट्टी के बीच एसटीएफ व जोगिंदर के बीच हई मुठभेड़ में तीन पुलिस अधिकारी घायल हुए थे। यहीं नहीं नवंबर में फिरोजपुर बार्डर रेंज के बीओपी सतपाल से पकडी गई 22 किलो हेरोइन की खेप के साथ आधा किलो अफीम, तुर्की निर्मित पिस्तौल व मैगजीन बरामद हो चुकी है।
डीआईजी रैंक के एक अधिकारी ने बताया कि तोहफे के रूप में जो पिस्तौल मिलती है, उसका प्रयोग तस्कर सुरक्षित तस्करी के लिए करते है, इसी से वह मुठभेड़ के दौरान अक्सर बीएसएफ व पुलिस पर फायरिंग करते है। यहीं नहीं तस्करी से जुडे़ लोग लड़ाई-झगडे़ के दौरान उक्त पिस्तौल का इस्तेमाल करते है। एआईजी सिद्धू ने बताया कि अभी तक जितने भी बडे़ तस्कर पकडे़ गए है, उनसे पूछताछ के दौरान यह बात साफ हुई है कि हेरोइन कि खेफ के साथ जो पिस्तौल व अफीम आती है, वह तस्करों को पाक में बैठे में उनके आकाओं की ओर से तोहफे के तौर पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी मामलों की जांच की जा रही है, जिसमें हेरोइन की खेप के साथ पिस्तौल मिली है।