जम्मू से गिरफ्तार युवक का 3 दिन के रिमांड पर
हिंदू नेताओं की हत्या का मामला, जांच अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। पंजाब में हिंदू नेताओं समेत किये हत्या की वारदात में बाघापुराना पुलिस ने जम्मू से गिरफ्तार नौजवान से पूछताछ के लिए अदालत से 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। दूसरी तरफ इस गिरोह की गिरफ्तारी बाद कई जांच अधिकारियों को को सोशल मीडिया पर पर धमकी मिलने बाद अधिकारी चौकस हो गए हैं।
थाना बाघापुराना प्रमुख इंस्पेक्टर जंगजीत सिंह रंधावा ने कहा कि जगजीत सिंह जग्गी निवासी नानक नगर, सेक्टर 9, जम्मू को थाना बाघापुराना में 17 दिसंबर 2016 को विस्फोटक सामग्री और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकू) एक्ट 1967 में दहशती गिरोह की पूछताछ के आधार पर गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार बाघापुराना में सब डिवीजनल जूडिशियल मजिस्ट्रेट, पुष्पिंदर सिंह की अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस सूत्रों मुताबिक विदेश से फंडिंग की रकम गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में आने के बारे में पुलिस रिमांड लिया है। उन्होंने गिरोह से धमकी मिलने की पुष्टि करते कहा कि उन्हें मिली धमकी के बारे में उच्च अधिकारियों को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है।
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने जांच अधिकारियों को मिल रही धमकी के बारे में कहा कि कानून की सही प्रक्रिया का पालन कर गिरफ्तार लोगों के परिवार को सदस्यों से बातचीत करने एवं वकील तक पहुंच की अनुमति दी है और मेडिकल जांच से पेश होने तक सारी प्रक्रिया कानून अनुसार की गई है। उन्होंने ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी पर गैर मानवीय बरताव एवं शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोपों को बेबुनियाद बताते कहा कि इस संगीन मामले की जांच सीनियर पुलिस अफसरों की टीमों की ओर से की गई है।
पुलिस इन हत्याओं की हर वारदात को किसी न किसी तरह विदेशों में बैठे गर्मख्यालियों से जोड़ रही है और खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स का नाम सब से ऊपर है। इन हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जौहल के पक्ष में विदेशों में बड़े स्तर पर हुए विरोध और लामबंदी के बाद राज्य सरकार ओर पुलिस विवादों में घिर गई है। भारत में शादी कराने आए ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जग्गी की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ने और दबाव कारण सरकार और पुलिस कसूती स्थिति में हैं। ब्रिटिश नागरिक जौहल को यहां की पुलिस ने 4 नवंबर को रामा मंडी जालंधर से उठा लिया था, वह पत्नी और बहन के साथ चंडीगढ़ जा रहा था।
पुलिस यह दावा कर रही है कि इंग्लैंड से आए तिलजीत सिंह उर्फ जिम्मी की पूछताछ बाद ब्रिटिश नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पारिवारिक मेंबर और अन्य विदेशों में सिख नेता पुलिस की इस कहानी को मानने के लिए तैयार नहीं।
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