बेटे की बीमारी और कर्ज से दुखी मजदूर ने दी जान
इलाज पर घर तक बिक गया था, बेअंत सिंह पर था डेढ़ लाख कर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
बेटे के इलाज के लिए घर बिक जाने और सिर पर चढ़े कर्ज से दुखी एक मजदूर ने रविवार सुबह जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। जोगा पुलिस ने सूचना मिलने के बाद शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया। कर्ज से दुखी होकर खुदकुशी कर लेने का जिले में 24 घंटे के बाद यह तीसरा मामला है। शनिवार को गांव कोटधरमू और साधूवाल के दो किसानों ने भी खुदकुशी कर ली थी।
अकलियां वासी बेअंत सिंह (30) गांव के ही एक किसान के पास खेत मजदूर था। पत्नी हरविंदर कौर के अनुसार उनके इकलौते बेटे रमनदीप सिंह (14) को गुर्दे की बीमारी है। इलाज पर इतना खर्च हो चुका है कि उसके पति को अपना घर तक बेचना पड़ा। इसके अलावा उन पर सोसाइटी व गांव के लोगों का डेढ़ लाख का कर्ज चढ़ गया। उसके पति बेअंत को बेटे की बीमारी का बेहद गम था। इसी परेशानी में उसने कोई जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जान दे दी। बेअंत सिंह दो बेटियों, एक बेटे के अलावा अपनी पत्नी को छोड़ गया है।
किसान यूनियन डकौंदा के राज सिंह अकलिया व महिंदर सिंह भैणीवाघा ने पंजाब सरकार से मृतक मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। थाना जोगा के एएसआई भगवंत सिंह ने बताया कि बेअंत सिंह की पत्नी हरविंदर कौर के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की गई है।
फोटो:10एमएनएस1 मृतक बेअंत सिंह की फाइल फोटो।