फर्जी सर्टिफिकेट देने के आरोपी पर केस
मोगा। थाना सिटी पुलिस ने भर्ती के लिए जाली शैक्षिक योग्यता सर्टिफिकेट पेश करने वाले कोटकपूरा के नौजवान खिलाफ केस धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपी नौजवान ने यह सर्टिफिकेट वापस लेने अर्जी दे दी तो सात महीने से दबी पड़ी यह फाइल ध्यान में आ गई और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दिया गया। वहीं थाना कोट ईसेखां पुलिस सजायाफ्ता होने के बावजूद अध्यापक की नौकरी लेने वाले के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
थाना सिटी में तफतीशी हवलदार सुखपाल सिंह ने बताया कि पुलिस में भर्ती के लिए जाली शैक्षिक योग्यता सर्टिफिकेट पेश करने वाले राहुल दयुड़ा निवासी देव समाज गली, कोटकपूरा खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मुताबिक पंजाब पुलिस में महिला एवं पुरुष कांस्टेबल के लिए साल 2016 में जिला मोगा के लिए योग्य करार दिए गए 50 पुरुष एवं 28 महिला कांस्टेबलों के शैक्षिक योग्यता सर्टिफिकेट की पड़ताल तत्कालीन एसपी (एच) तरुण रतन, डीएसपी जसवंत सिंह और डीएसपी गोपाल चंद भंडारी के नेतृत्व में कमेटी कर रही थी। इस कमेटी ने राहुल दयुड़ा की ओर से ग्लोब सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरसा (हरियाणा) की ओर से कथित तौर पर जारी किया गया 12वीं पास सर्टिफिकेट पड़ताल के लिए 21 नवंबर 2016 को दिल्ली स्कूल बोर्ड को भेजा। वहां से आई रिपोर्ट में कहा गया कि न तो यह स्कूल बोर्ड की ओर से मान्यता है और न ही उनके रिकार्ड में यह सर्टिफिकेट दर्ज है। इस रिपोर्ट बाद कथित जाली सर्टिफिकेट डीजीपी,पंजाब को भेज दिया गया था लेकिन वहां से बिना किसी कार्यवाई वापस जिला पुलिस को भेज दिया गया। यह फाइल 7 महीने जिला पुलिस दफ्तर में दबी पड़ी रही। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यह सर्टिफिकेट वापस लेने के लिए अर्जी दी तो दबी पड़ी फाइल ध्यान में आ गई और उसके खिलाफ थाना सिटी में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
थाना कोट ईसेखां पुलिस ने सरकारी स्कूल, शेरपुर तायबा में तैनात अध्यापक वरिंदर सिंह गांव गलोटी खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। जांच कर रहे एएसआई मुखविंदर सिंह के मुताबिक हाकम सिंह गांव गलोटी ने जिला पुलिस प्रमुख को अध्यापक वरिंदर सिंह खिलाफ शिकायत दी थी कि 2004 में दिल्ली में दर्ज धोखाधड़ी केस में वह सजायाफ्ता पाया गया था। अध्यापक वरिंदर सिंह ने सजायाफ्ता होने बारे तथ्य छुपा कर 2011 में अध्यापक की नौकरी ली है। डीएसपी धर्मकोट की प्राथमिक पड़ताल में आरोप साबित होने बाद आरोपी खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।