डॉक्टर पर जानलेवा हमला, कार ले गए हमलावर
गंभीर घायल, डीएमएसी लुधियाना रेफर किया
सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं ठप, साथी डॉक्टरों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
सिविल अस्पताल में तैनात मेडिकल अफसर पर बुधवार देर शाम अज्ञात लोग बेसबालों से हमला कर उनकी करेटा कार ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें डीएमएसी लुधियाना रेफर किया गया।
इसके रोषस्वरूप सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं ठप कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रोष धरना दिया। साथ ही जिला पुलिस प्रमुख को मांग पत्र दिया। इसका नेतृत्व पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसस एसोसिएशन (पीसीएमएस) के प्रदेश प्रधान डॉ. गगनदीप सिंह और सीनियर नेता डॉ. इंद्रबीर सिंह गिल ने किया। एसपी (आई) वजीर सिंह खैहरा ने थाना मेहना में पीड़ित डॉ. रमिंदर शर्मा के साले गुरमत्तपाल सिंह के बयान पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश में टीमें बना ली है।
पुलिस के मुताबिक सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. रमिंदर शर्मा करीब सवा साल से बिग बैन के सामने वाली गली में किराए पर रह रहे हैं। वह बुधवार शाम तकरीबन 8.30 बजे अपनी करेटा कार पर लाला हंसराज स्कूल में बने स्वीमिंग पूल में स्वीमिंग करने जा रहे थे। इस दौरान पीछे से आई गाड़ी पर सवार अज्ञात लोगों ने डॉक्टर को जान से मारने की नीयत पर बेसबॉल से हमला कर दिया। साथ ही आरोपी उनकी कार ले गए। पीड़ित डाक्टर को पहले निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, वहां से सिविल अस्पताल मोगा रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर होने से उन्हें डीएमसी अस्पताल लुधियाना रेफर कर दिया गया।
इस स्कूल के गेट पर हर समय चौकीदार मौजूद होता है, लेकिन शायद छुट्टियां होने से वह मौके पर नहीं था। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। इसी रोष में सिविल अस्पताल में डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और दफ्तरी अमले व अन्य स्टाफ ने सेवाएं ठप कर रोष धरना दिया। इस दौरान डॉ. इंद्रबीर सिंह ने कहा कि पीसीएमएस एसोसिएशन के आह्वान पर सेहत विभाग के मुलाजिमों की समूह जत्थेबंदियां की ओर से सांझा मोर्चा बना कर पंजाब के हिंसक माहौल खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया गया है।
फोटो कैप्शन - मोगा में सरकारी डॉक्टर पर हमले के रोष के तौर पर सिविल अस्पताल में एमरजैंसी ओर अन्य सेवाओं ठप्प करके आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरना देते डाक्टर व अन्य स्टाफ