फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएसी में ज्वेलर पर गोली चलने के मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का किया मामला दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सहित
विज्ञापन


पुलिस से असंतुष्ट ज्वेलर्स शोरूमों में लगवाएंगे हूटर
सबहेड
एनएसी के सराफा व्यापारियों ने बैठक कर लिया फैसला, पुलिस की मुस्तैदी पर उठाए सवाल

ज्वेलर पर गोली चलाने के मामले में हत्या के प्रयास में दर्ज हुआ केस, पीड़त बोले-लूट के मकसद से आए थे बदमाश

गोविंद परवाना
मनीमाजरा। मंगलवार रात आठ बजे जीएच ओर्नामेंट ज्वेलरी शॉप में लूट की नाकाम कोशिश और फायरिंग के बाद इलाके और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वारदात के बाद इलाके के सराफा व्यापारी दहशत में है, वहीं एनएसी में काम करने वाले व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों को भी लूटपाट का डर सताने लगा है। व्यापारी पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठा रहे हैं। उधर, पुलिस ने एनएसी में पुलिस जिप्सी और दो कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। दूसरी तरफ, पुलिस ने ज्वेलरी शॉप के मालिक हनुमंत पर गोलियां चलाने वाले बदमाशों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने अभी इसमें लूटने के प्रयास का कोई मामला दर्ज नहीं किया है जबकि ज्वेलर हनुमंत राओ भोसले का कहना कि गोली चलाने वाले उनकी दुकान में लूट के मकसद से ही आए थे। उधर, एनएसी ज्वेलर एसोसिएशन ने बुधवार को एक बैठक बुलाकर सर्वसम्मति के साथ यह फैसला लिया कि पुलिस के साथ वह खुद अपनी सुरक्षा के इंतजाम करेंगे। इसके तहत एसोसिएशन ने सभी ज्वेलरी शोरूम में हूटर लगवाने के साथ बरामदों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रस्ताव पास किया है।
उल्लेखनीय है कि अकेले एनएसी मार्केट में कुल 27 ज्वेलर्स की दुकानें हैं। इनमें कई बड़े ब्रांड के शोरूम भी शामिल हैं। इन शोरूमों के कालका-शिमला हाईवे पर होने व हरियाणा का बार्डर के नजदीक होने से लुटेरे इन्हें अपना सॉफ्ट टारगेट मानते हैं और यहां कई बार वारदात को अंजाम दे भी चुके हैं। इनमें से कुछ मामले तो अभी भी अनसुलझे ही हैं। बावजूद इसके पुलिस इन बातों को अनदेखा कर यहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नही करती।
विज्ञापन


बार्डर पर नहीं होती पीसीआर
हरियाणा के साथ हिमाचल प्रदेश को जाने का भी रास्ता है। इस सीमा बैरिकेट लगाकर बैरियर तो बनाया गया है। उस पर बैरियर पर ना तो पुलिस का कोई नाका लगा होता है और न ही पीसीआर लगातार गश्त लगाती है। इसका फायदा उठाकर अक्सर आरोपी फरार होने में कामयाब हो जाते है। मंगलवार देर शाम हुई घटना में भी यही हुआ कि बार्डर पर कोई नाका न होने के कारण वहां से आरोपियों को फरार होने में कोई दिक्कत नही आई।

क्या कहते है एसोसिएशन के पदाधिकारी
पुलिस को एनएसी के शोरूम के आगे शाम को सात बजे 9 बजे तक पीसीआर जिप्सी के साथ थाना पुलिस के कम से चार पुलिस कर्मचारी एनएसी के पार्किंग में तैनात रखने चाहिए। जोकि शाम को हर आने जाने वाले पर नजर रखे। इसके साथ पीर बाबा की दरगा के पास से जो आटो हाईवे से न गुजार कर शोरूम के आगे से निकलते है। उन पर रोक लगाए। यहीं नहीं फन रिपब्लिक लाइट प्वाइंट पर खड़े रहने वाले ऑटो को वहां से उठाना चाहिए। क्योंकि उनके अंदर भी संदिग्ध लोग बैठे रहते है। जोकि दिन पर व्यापारियों की रेकी करते है।

एसके जैन, प्रधान एनएसी ज्वैलर्स एसोसिएशन
पार्किंग में खड़ी गाड़ियां में बैठ रहने वाले लोगों की जांच कर पुलिस
एनएसी की पार्किंग में खड़ी गाड़ियां में लोग सारा सारा दिन बैठे रहते है। ऐसे गाड़ियां में बिना वजह बैठे रहने वाले लोगों की जांच भी पुलिस को करनी चाहिए। जिसके लिए पुलिस को एक पक्के तौर पर जिप्सी एनएसी की पार्किंग रहनी चाहिए। जोकि दोनों तरफ की पार्किंग में घूमती रहे और गाड़ियां में बैठे और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठे लोगों से पूछताछ करे। जिसके रेकी करके वारदात करने वाले लोगाें की पहचान पहले से ही हो पाए।
विज्ञापन

केआर महाजन, एक्टिव मेंबर एनएसी ज्वैलर्स एसोसिएशन

क्याें अनसेफ है एनएसी मार्केट का एरिया....
कालका, चंडीगढ़ हाईवे पर बनी एनएसी की मार्केट हमेशा अनसेफ रही है। इस एनएसी मार्केट में हमेशा लूट आदि की घटना का अंजाम देने वाले आराम से भागने में कामयाब हो जाते है। क्योंकि एनएसी मार्केट के साथ ही दोनों तरफ हरियाणा की सीमा है। जिससे हरियाणा और हिमाचल की तरफ भाग जाना आसान है। यहीं कारण है कि आज तक एनएसी में बंगाली स्वीट्स और एनएसी में चीनी के व्यापारी से लूट करने वाले अपराधी सालों बीत जाने के बाद भी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए है। एनएसी सीमा पर बने पुलिस बैरियर पर करीब पांच साल पहले ने सीसीटीवी कैमरे लगाया था। लेकिन एनएसी के दुकानदारों का कहना कि वह सीसीटीवी कैमरा भी अभी चल नहीं रहा है। इसके साथ यहीं सीआरपीएफ के कर्मचारियों के लिए बनाई गई चौकी की इमारत भी खंडर हो रही है। पांच साल पहले इस चौकी की इमारत में बरसात को पानी भर जाने से यहां रहने वाले सीआरपीएफ के बैरियर में तैनात रहने वाले जवानों को यहां से हटा कर मनीमाजरा पुलिस स्टेशन जगह दी गई। लेकिन उसके बाद आज तक चौकी की इमारत की रिपेयर न होने के कारण सीआरपीएफ के पुलिस कर्मचारियों सुबह शाम ही कुछ घंटे यहां ड्यूटी देने आते है। जिसके चलते अपराधियों को यहां से निकलने में कोई डर नहीं लगता है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना कि इमारत को मरम्मत करने और सीसीटीवी कैमरा ठीक करने के लिए विभाग को कई बार लिख कर दिया जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें