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स्पोर्ट्स कोर्ट के तहत अटकी पुलिसकर्मियों की प्रमोशन

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स्पोर्ट्स कोटे में पुलिसकर्मियों के प्रमोशन अटके
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-योग्य पुलिसकर्मियों के नाम भेजे, लेकिन प्रमोशन पर फैसला बाकी
-इंस्पेक्टर भी इंतजार में, लेकिन उनके लिए नहीं है पॉलिसी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यूटी पुलिस विभाग के खिलाड़ी लंबे समय से पांच प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटे के तहत प्रमोशन के इंतजार में हैं। योगा, ताइक्वांडो, रेसलिंग और बॉक्सिंग में विभाग का नाम चमका चुके पांच कांस्टेबलों के नाम प्रमोशन के लिए सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं। अब डीजीपी की मंजूरी का इंतजार है।
पुलिस विभाग की ओर से तय मापदंड के मुताबिक आवश्यक अंक हासिल करने वाले कांस्टेबलों में ताइक्वांडो में संदीप कुंडू, रेसलिंग में अमित यादव, योगा में सुषमा और बॉक्सिंग में कांस्टेबल रीना शामिल हैं। 1996 के बाद से यूटी पुलिस विभाग में स्पोर्ट्स कोटे के तहत कोई भर्ती नहीं की गई। न ही विभाग के किन्हीं पुलिसकर्मियों को खेलों में परचम लहराने पर पदोन्नति दी गई। यूटी पुलिस विभाग में एक वर्ष में न्यूनतम 25 और अधिकतम एक सौ अंक हासिल करने पर पुलिसकर्मियों को इंस्पेक्टर पद तक प्रमोशन देना तय किया गया, लेकिन योग्य पुलिसकर्मियों की प्रमोशन पर डीजीपी को फैसला करना है। पुलिस विभाग के खिलाड़ी अपने स्तर पर पूरा वर्ष मेहनत कर ऑल इंडिया पुलिस गेम्स सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल तक जीतते हैं।
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स्पोर्ट्स पॉलिसी से इंस्पेक्टर दरकिनार
यूटी पुलिस विभाग ने पांच प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटे के तहत जो पॉलिसी बनाई, उसमें कांस्टेबल से एसआई पद तक केपुलिसकर्मियों के लिए प्रमोशन व डबल प्रमोशन तक का मौका है, लेकिन इंस्पेक्टर पद पर आसीन पुलिसकर्मियों को स्पोर्ट्स पॉलिसी में अनदेखा कर दिया गया, जबकि विभाग के चंद इंस्पेक्टर बॉडी बिल्डिंग सहित अन्य खेलों में अंतरराष्ट्रीय व अन्य स्तर पर आयोजित खेलों में विभाग का नाम चमका चुकेहैं। बावजूद इसके स्पोर्ट्स पॉलिसी में उनके लिए प्रमोशन का अवसर नहीं होने से उनमें मायूसी है।
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