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पीसीए को नहीं पुलिस पर भरोसा, सीबीआई के रिटायर्ड अधिकारियों का मांगा जांच पैनल

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पीसीए ने जांच को मांगा रिटायर्ड सीबीआई अधिकारियों का पैनल
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़।
पुलिस कंपलेंट अथॉरिटी को चंडीगढ़ पुलिस पर भरोसा नहीं है। यही कारण है कि पीसीए ने जांच के लिए सीबीआई और सीआईडी के रिटायर्ड अधिकारियों का पैनल मांगा है। इस बारे में पीसीए चेयरमैन एम एस चौहान ने होम सेक्रेटरी को पत्र लिखकर उचित कदम उठाने के साथ पैनल मांगा है।
उन्होंने लिखा है कि पीसीए को चंडीगढ़ पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही हैं, लेकिन जब भी जांच में शामिल होने के लिए उन्हें नोटिस या समन भेजा जाता है तो ज्यादातर पुलिसकर्मी उनका जवाब नहीं देते हैं। मौखिक तौर पर अपने पर लगे आरोपों को झूठा बताकर समन को तामील नहीं करते हैं। इसी झंझट के चलते पीसीए रिटायर अधिकारियों की टीम बनाना चाहती है जो समन कार्रवाई के साथ मामले की सभी पहलुओं पर जांच कर सके। यह पैनल टीम 10 रिटायर्ड अधिकारियों का होगा।
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रिटायर्ड पुलिसकर्मियों से इसलिए तौबा
पीसीए चेयरमैन एम एस चौहान ने बताया कि जांच टीम में पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारियों और अधिकारियों को नहीं रखा जाएगा। क्योंकि पीसीए में शिकायतें पुलिस के खिलाफ आती हैं। एक पुलिसकर्मी का दूसरे के प्रति दयाभाव रहता है। भले ही शिकायत काफी हद तक सच हो। चौहान ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सभी पुलिसकर्मी गलत होते हैं लेकिन पुलिस के खिलाफ पुलिस ही जांच करे तो शिकायतकर्ता को तसल्ली नहीं होती है। ऐसे में सीबीआई, सीआईडी का पैनल मांगा गया है।
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2 माह में 45 शिकायतें
पीसीए में 2 महीने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ 45 शिकायतें आ चुकी हैं। इसके अलावा 85 पुराने मामले लंबित हैं और 48 मामलों का निपटारा किया गया है। शिकायतों की जांच में तेजी और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए जांच टीम की जरूरत पड़ी है।


-होम सेक्रेटरी को लिखा पत्र
-कहा, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का भी पुलिसकर्मी के प्रति रहता है दयाभाव
-पीसीए के नोटिस का जवाब देने में पुलिसकर्मी बरत रहे लापरवाही
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