चंडीगढ़। पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों की सहायता से संभावित हादसों वाले सभी 784 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करने और इनमें से 60 प्रतिशत को दुरुस्त करने वाला देश का पहला राज्य है।
बुधवार को मगसीपा में ‘सड़क सुरक्षा माह’ के समाप्ति समारोह के दौरान पीआरटीसी/पंजाब रोडवेज, ट्रकों और स्कूल बसों के चालकों, प्राइवेट बस ऑपरेटरों और टैक्सी ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क हादसों में मृत्यु दर और कम करने के लिए एनएचएआई की मदद से अब तक इन ब्लैक स्पॉट्स को दुरुस्त करने के लिए लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार सड़क हादसों में जाने वाली कीमती जानें बचाने के लिए लगातार काम कर रही है, जिसके लिए सड़क सुरक्षा फोर्स की स्थापना, जंक्शनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्पीडो व एल्को-मीटरों का प्रयोग जैसे विभिन्न कदम उठाए गए हैं। चालकों को सेफ्टी बेल्ट नियमित तौर पर लगाने की अपील करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि टैक्सियों और कारों में पिछली सीट की बेल्ट के प्रयोग को भी सुनिश्चित बनाया जाए।
समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक (लीड एजेंसी) आर वेंकटरत्नम ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान राज्य भर में अलग-अलग गतिविधियां करवाई गईं, जिनमें साइकिल/दोपहिया वाहन रैलियां, ट्रांसपोर्ट वाहनों पर रीटरो-रिफलेक्टिव टेप लगाना, चालकों के साथ नुक्कड़ टॉक, सीट बेल्ट और हेलमेट व लाल बत्ती के उल्लंघन संबंधी जागरूकता मुहिम, तेज रफ्तार और शराब पीकर ड्राइविंग के विरुद्ध विशेष मुहिम, सड़क किनारे उगी वनस्पति की सफाई, रोड साइन लगाना, चालकों के लिए मेडिकल/आंखों का चेकअप कैंप और संभावित हादसे वाले स्थानों की पहचान करना शामिल था। इसके अलावा स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभागों के सहयोग से समाज सेवी संगठनों और सड़क सुरक्षा माहिरों के सहयोग से सड़क सुरक्षा संबंधी भाषण, वॉकथौन, पोस्टर मेकिंग और क्विज मुकाबले, प्रदर्शनियां और भाषण मुकाबले करवाए गए। इस मौके पर ‘एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार एवं इसके प्रभाव’ विषय पर वर्कशॉप भी करवाई गई।