हाईपरटेंशन, शुगर, हार्ट व सांस की बीमारी और कैंसर के मरीजों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। देश में हाईपरटेंशन के मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। ऐसे में सावधानी के साथ सजगता बेहद जरूरी है। यह जानकारी पीजीआई कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. यशपाल ने दी।
डॉ. यशपाल ने बताया कि हाईपरटेंशन को लेकर पंजाब की स्थिति देश में सबसे ज्यादा चिंताजनक है। देश भर में इसके मरीजों की संख्या 30.7 प्रतिशत है जबकि पंजाब में यह आंकड़ा 35.7 प्रतिशत का है। ऐसे में जरूरी है कि हाईपरटेंशन से बचाव के जरूरी उपाय किए जाएं। इसकी नियमित जांच हो। स्क्रीनिंग के बल पर इसे काफी हद तक काबू किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि हाईपरटेंशन के मरीजों में कोरोना के संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इसकी पुष्टि चाइना डेली की एक हालिया रिपोर्ट में हुई है, जिसमें कहा गया है कि वहां कोरोना से हुई 170 मौतों में से 50 प्रतिशत मरीजों को हाईपरटेंशन था। इसकी पुष्टि वहां के शीर्ष डॉक्टरों की टीम ने भी किया है। ग्लोबल रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार भी कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा हाईपरटेंशन के मरीजों को है। इसे लेकर डब्ल्यूएचओ और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी चेतावनी जारी की है।
वहीं पीजीआई सामुदायिक स्वास्थ्य और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एचओडी डॉ. अमरजीत सिंह का कहना है कि भारत में गुरुवार को कोरोनो वायरस के कारण मृत्यु का पहला मामला दर्ज किया गया है। वायरस से मरने वाले 76 वर्षीय कर्नाटक के व्यक्ति को हाईपरटेंशन और अस्थमा था। ऐसी स्थिति में बचाव को लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
कोरोना से बचाव के लिए करें इनका पालन
- अपनी दवाएं लेना जारी रखें, डॉक्टर के निर्देशानुसार आहार लें
- अपनी दवाएं समय से लें, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं के डोज में कोई बदलाव न करें
- सर्दी और फ्लू, या अन्य सांस संबंधी मर्ज वाले लोगों के संपर्क में न आएं
- खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल या टिशू रखें
- हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं
ये आदतें बढ़ा रहीं हाईपरटेंशन
अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, नमक का ज्यादा सेवन, शराब, तनाव का बढ़ता स्तर, नियमित व्यायाम न करना, मोटापा, ज्यादा गुस्सा करना, पूरी नींद न लेना, मांसाहार का ज्यादा सेवन।