चंडीगढ़। निजी क्षेत्र के संस्थानों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण दिए जाने के विधेयक में जिलावार 10 फीसदी आरक्षण को कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने अनुचित बताया है। प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि सरकार ने वोट की राजनीति में प्रदेश हित को दरकिनार कर दिया है। इस विधेयक के कानून के रूप में लागू होने के बाद प्रदेश में नया उद्योग नहीं आएगा। प्रदेश में बना बेहतर औद्योगिक माहौल भी प्रभावित होगा। उनके अनुसार गत दिवस विधानसभा सत्र में राज्य सरकार द्वारा पारित कराए गए स्थानीय उम्मीदवार नियोजन विधेयक-2020 में यह प्रावधान गैर संवैधानिक है कि एक जिला से एक संस्थान में 10 फीसद से ज्यादा उम्मीदवारों को नौकरी नहीं दी जा सकती। इस प्रावधान को करते हुए सरकार ने फरीदाबाद, गुरुग्राम जैसे बड़े और चरखीदादरी जैसे छोटे जिला का अंतर भी नहीं सोचा। नीरज ने इसके खिलाफ राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को भी पत्र लिखकर मांग की है कि वे इस कानून को सरकार को पुनर्विचार के लिए लौटा दें। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र,एक कानून और अखंड भारत की परिकल्पना करने वाले महापुरुषों के लिए यह विधेयक कष्टदायी होगा।