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आदमपुर में बागियों को मनाने में जुटी कांग्रेस

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चंडीगढ़। आदमपुर की अपनी परंपरागत सीट बचाने के लिए कांगेस पूरी ताकत लगा रही है। टिकट न मिलने से नाराज और बागी तेवर अपनाये नेताओं को मनाने की कोशिश शुरू हो गई है। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने खुद मान मनोव्वल की कमान संभाली है।
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दीपेंद्र ने बुधवार को कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश जेपी का विरोध कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी वीर सिंह दलाल के घर पहुंचकर उनसे व बेटे राकेश दलाल इत्यादि से नाराजगी का कारण जाना। टिकट आवंटन को लेकर पूरी स्थिति साफ करते हुए उन्होंने जेपी के लिए समर्थन मांगा। वह जानते थे कि धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ भी दलाल परिवार का अच्छा तालमेल है। इसलिए उनका विरोध में खड़े होना उचित नहीं रहेगा।
वीर सिंह ने दीपेंद्र को कहा कि वह 36 बिरादरी के अपने सभी समर्थकों से रायशुमारी कर अंतिम फैसला लेंगे। चार दिन पहले ही समर्थकों के साथ बैठक कर वह जेपी को वोट न देने की अपील कर चुके हैं। जैसा समर्थक कहेंगे, वैसे आगे बढ़ेंगे। समर्थकों की भावनाओं से आपको अवगत करवाया जाएगा।
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नफा नुकसान भांपकर शुरू हुआ डैमेज कंट्रोल
वीर सिंह की बैठक में समर्थकों का अच्छा जमावड़ा था, जिसे देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व पूरा नफा नुकसान भांप गया। जेपी के समीकरण न गड़बड़ाए, इसलिए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया है। दीपेंद्र टिकट के अन्य दावेदारों की भी नाराजगी दूर करने का काम कर रहे हैं।
प्रदीप बेनीवाल पर आढ़तियों का दबाव
भजनलाल परिवार के बेहद करीबी रहे प्रदीप बेनीवाल भले कांग्रेस में आ चुके हैं, लेकिन उन पर बिश्नोई समाज के आढ़तियों का काफी दबाव है। वे उन्हें भव्य का साथ देने के लिए कह रहे हैं। उनके सामने अजीब स्थिति है, क्योंकि आढ़त का काम प्रदीप को मंडी में करना है, और राजनीति कांग्रेस में। ऐसे में उपचुनाव में उनकी भूमिका पर सबकी निगाहें हैं।
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