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Panchkula News: सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का हालः सर्वर डाउन, टेस्ट किट खत्म, मरीज रहे बेहाल

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मंगलवार को सर्वर डाउन होने और टेस्ट किट की कमी होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिविल अस्पताल पहुंचे मरीजों की पहले तो पर्ची नहीं बनी। दोपहर बाद पर्ची बनी तो जैसे-तैसे डॉक्टरों को दिखाया। इसके बाद टेस्ट कराने पहुंचे तो वहां भी निराशा हाथ लगी। लैब अधिकारियों का कहना था कि केमिकल और ब्लड रिजल्ट किट खत्म होने की वजह से अन्य मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं।
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केवल आपातकालीन वार्ड और पहले से भर्ती मरीजों के लिए टेस्ट किए जा रहे हैं। इस कारण बरवाला, रायपुररानी, मोरनी, पिंजौर-कालका के अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों से आए मरीजों को टेस्ट नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान मरीज रुपये खर्च कर बाहर से टेस्ट कराने को मजबूर नजर आए। मरीजों का कहना था कि बाहर से विभिन्न प्रकार के टेस्टों के लिए 500 से एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़े।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में रोजाना तीन हजार मरीजों की ओपीडी होती है। वार्डों में एक हजार मरीज इलाज के लिए भर्ती रहते हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीजों के टेस्ट किए गए। वहीं ओपीडी के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पंचकूला की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि सर्वर पूरे हरियाणा में डाउन हो गया था, इसे ठीक किया जा रहा है। जैसे ही सर्वर ठीक होगा। सभी सुविधाएं लोगों के लिए मुहैया करवाई जाएगी।
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शुगर टेस्ट के लिए 500 रुपये खर्चने पड़ेसिविल अस्पताल में इलाज के लिए सुबह आए। सर्वर डाउन होने के बाद एक बजे पर्चा बना। इसके बाद डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने टेस्ट लिखे। अस्पताल में टेस्ट नहीं हुए। शुगर का टेस्ट करवाने के लिए बाहर पांच सौ रुपये खर्च करने पड़े। वहीं अन्य टेस्ट के लिए अगले दिन आना पड़ेगा। - कनक यादव, मरीज

दवा देकर टेस्ट के लिए अगले दिन बुलाया
बुखार आने के बाद डॉक्टरों की ओर से इलाज किया गया। । दवा देने के साथ ही सभी टेस्ट के लिए अगले दिन बुलाया गया है। टेस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल के दोबारा चक्कर लगाने पड़ेंगे। -विंध्या देवी , मरीज

टेस्टिंग काउंटर पर टेस्ट के लिए मना किया
अस्पताल का कार्ड एक बजे के बाद बना। इसके बाद टेस्ट काउंटर पर कार्ड लेकर गए। टेस्टिंग मशीनों के केमिकल नहीं होने की बात कही गई और अन्य दिन टेस्ट के लिए आने को कहा गया। बाहर से सभी टेस्ट करवाने में एक हजार रुपये खर्च करने पड़े। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा है। - निशा, मरीज

थायराइड का कोई टेस्ट नहीं हुआ
बुखार के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आए थे। सुबह खाली पेट आने के बाद टेस्ट के सैंपल नहीं लिए गए। दूसरे दिन टेस्ट के लिए बुलाया गया। दोबारा टेस्ट के लिए आने पर अधिक समय खराब होगा। - मोसिना, मरीज

अस्पताल में सर्वर डाउन होने के कारण मरीजों को दिक्कत हुई है। सैंपलिंग के लिए टेस्ट किट जल्द ही मुहैया कराई जाएगी। अस्पताल में सभी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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