पंचकूला। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) पंचकूला ने एक सड़क दुर्घटना में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पीडि़त परिवार को 4.55 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह राशि संबंधित वाहन की बीमा कंपनी को अदा करनी होगी। मामला फरवरी 2023 में मौली क्षेत्र के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। दुर्घटना में हिमाचल प्रदेश निवासी एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि उसकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। मृतक की मां ने वाहन को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग करते हुए ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था। याचिका के अनुसार युवक रात के समय अपनी कार से पांवटा साहिब से चंडीगढ़ की ओर जा रहा था। मौली स्थित सैनी ढाबे के समीप आगे चल रहे ट्रक चालक ने कथित रूप से बिना किसी संकेत के अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रही कार ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में रायपुररानी थाना पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह माना गया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी। वाहन की सर्वे रिपोर्ट में मरम्मत का खर्च करीब 8.02 लाख रुपये आंका गया था, जो वाहन की बीमित घोषित कीमत (आईडीवी) से भी अधिक था। ऐसे में कार को पूर्ण क्षति (टोटल लॉस) मानते हुए ट्रिब्यूनल ने 4.55 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश पारित किया। ट्रिब्यूनल के इस फैसले को सडक़ दुर्घटनाओं में वाहन क्षति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें वाहन मालिक के कानूनी अधिकारों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा निर्धारित किया गया है।