चंडीगढ़। मोहाली के बड़े बिल्डर जरनैल सिंह बाजवा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को हाईकोर्ट से जानकारी छिपाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बाजवा व उसकी कंपनियों के सभी 52 बैंक खाते वीरवार को दोपहर 12 बजे तक अटैच करने का मोहाली के सीजेएम को आदेश दिया है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कुलदीप मित्तल ने धोखाधड़ी के मामले में जांच जल्द पूरी करने का निर्देश जारी करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने बाजवा को तलब किया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। बार-बार बुलाने पर भी नहीं आने पर हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया था। मोहाली पुलिस ने इस बीच बाजवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। हाईकोर्ट ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही उसे अपनी चल-अचल संपत्ति व बैंक खातों का विवरण सौंपने का आदेश दिया था। बुधवार को उसने यह सारी जानकारी सौंप दी थी।
इस दौरान याची ने बताया कि बाजवा ने उससे समझौता करने का प्रयास किया है और 50 लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया है। कोर्ट ने पाया कि जिस खाते से यह ड्राफ्ट तैयार किया गया है बाजवा ने हलफनामे में उसके बारे में जानकारी ही नहीं दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि हमने बाजवा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से खुद को कई बार रोका, लेकिन उनका आचरण ऐसा है कि हमें कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में मोहाली के सीजेएम को वीरवार दोपहर 12 बजे तक बाजवा के सभी बैंक खातों को अटैच करने का आदेश दिया है। बाजवा को चेतावनी दी है कि यदि उसने पैसा निकालने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ अलग से अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मोहाली के एसएसपी को बाजवा व उसकी कंंपनियों के बैंक खातों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
संपत्तियां जब्त करने की मांग पर नोटिस
याचिका में अर्जी दाखिल करते हुए इस मामले का ट्रायल 3 माह में पूरा करने और बाजवा की सभी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को 2.5 करोड़ की ठगी के मामले का ट्रायल 4 माह में पूरा करने का आदेश दिया है। साथ ही संपत्तियां जब्त करने की मांग वाली अर्जी पर पंजाब सरकार व बाजवा को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।