फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: चंडीगढ़ पुलिस ने रोका यूथ अकाली दल का मार्च

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूथ अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास और पंजाब कांग्रेस भवन तक मार्च निकालना था लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सेक्टर-28 स्थित शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के मुख्यालय के बाहर ही बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इस दौरान यूथ अकाली दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तर धक्कामुक्की भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।यूथ अकाली दल के कार्यकर्ता वीरवार सुबह 11 बजे आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आने के चलते पंजाब में आप और कांग्रेस के कथित गठबंधन की बधाई देने और राज्य में बाढ़ के चलते राहत कार्य शुरू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को ज्ञापन सौंपने निकले थे। इस मार्च का नेतृत्व यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर कर रहे थे।
विज्ञापन

शिअद मुख्यालय से जैसे ही यूथ कार्यकर्ता मार्च के लिए बाहर निकले, चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। आखिरकार यूथ कार्यकर्ता नजदीकी पेट्रोल पंप के पास धरने पर बैठ गए और मांग करने लगे कि उन्हें पंजाब में ‘आप-कांग्रेस गठबंधन सरकार’ की विफलता के खिलाफ ज्ञापन सौंपने के लिए या तो मुख्यमंत्री आवास पर या पंजाब कांग्रेस के राज्य मुख्यालय तक जाने की अनुमति दी जाए। कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर कहा कि वह आप सरकार के नेता भगवंत मान और पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप बाजवा और राजा वड़िंग को पंजाब विधानसभा में 110 सदस्यों के अभूतपूर्व बहुमत के लिए ‘एक साथ’ आने की बधाई देना चाहते हैं।
यूथ अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि उनके कार्यकर्ता बाजवा और वड़िंग को उनकी गठबंधन सरकार में नामित उपमुख्यमंत्रियों के रूप में बधाई देना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘लेकिन हम बाजवा के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करना चाहते थे, जो वरिष्ठता को देखते हुए अपनी ही गठबंधन सरकार में बेहतर स्थान के हकदार हैं और उन्हें अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी भगवंत मान के अधीन काम करने का अपमान सहना पड़ा है।’ उन्होंने मांग की कि राजा वड़िंग और बाजवा गठबंधन सरकार में अपने सहयोगियों पर दबाव डालें कि वे अपने प्रचार पर लापरवाही से खर्च करना बंद करें और उस पैसे का इस्तेमाल असहाय बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करने में करें।
विज्ञापन



धान उत्पादकों को 50 और खेत मजदूरों को 20 हजार देने की मांग
सरबजीत झिंझर ने धान उत्पादकों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ और खेत मजदूरों को 20 हजार रुपये मुआवजे के अलावा आपातकालीन चारा भत्ता के रूप में प्रति किसान 5000 रुपये और पशुधन की मृत्यु के लिए प्रति मवेशी एक लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने बाढ़ से मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को मुआवजे के रूप में 25 लाख दिए जाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इन मौतों के लिए सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है , क्योंकि यह मौतें सरकार की उपेक्षा और पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें