चंडीगढ़। ब्रीडर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग नियम 2017 को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार को पक्ष बनाने का आदेश दिया है। इस पर याची ने हाईकोर्ट से मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय को पक्ष बनाने के लिए समय देने की मांग की है। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
पटियाला की एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी अगेंस्टर एनिमल्स (डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग) रूल 2017 को लागू किया है। इन नियमों के तहत ऐसी शर्तें लगाई गई हैं जिनका सरकार को अधिकार नहीं है। याची ने बताया कि इसमें डॉग ब्रीडर को इसे बेचने के बाद हर साल जाकर उसका निरीक्षण करने का प्रावधान किया है। याची ने कहा कि एक बार डॉग बेचने के बाद वह कैसे हर साल जाकर इसका निरीक्षण कर सकता है। साथ ही डॉग कितनी बार बच्चे देगा इसके लिए भी अधिकतम सीमा तय की गई है। याची ने कहा कि पीसीए एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ जाकर यह नियम बनाए गए हैं। साथ ही प्रावधान के अनुसार इन नियमों को संसद के दोनों सदनों से पास करवाना अनिवार्य है, जबकि ऐसा नहीं किया गया।