पंजाब सरकार, मुख्य सचिव, यूनिवर्सिटी व अन्य को नोटिस जारी करते हुए मांगा जवाब
नियुक्ति के लिए बनाई गई सर्च कमेटी के गठन पर ही याचिका में उठाया गया है सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदकोट की बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज के कुलपति के डॉ. राजीव सूद की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार, मुख्य सचिव, यूनिवर्सिटी और कुलपति को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने अपनी याचिका में कहा कि डॉ. राजीव सूद की नियुक्ति नियमों का उल्लंघन कर की गई है और यह यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। आरटीआई का हवाला देते हुए बताया गया कि वीसी के चयन के लिए छह सदस्यों वाली सर्च कमेटी बनाई गई थी। चयन करने वाली यह कमेटी ही यूजीसी के नियमों के तहत सही नहीं थी। इसमें से तीन सदस्य थे जिनमें पंजाब के मुख्य सचिव, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के सचिव और डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन शामिल थे। ये सभी सदस्य यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में भी शामिल होते हैं। ऐसे में जो सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हों, वे कैसे निष्पक्ष तरीके से नियुक्ति कर सकते हैं।
यूजीसी के नियमों के अनुसार कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश करने के लिए सर्च कमेटी के सदस्य के रूप में ऐसे किसी सदस्य को नहीं लिया जाएगा जो यूनिवर्सिटी से किसी भी तरह से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस सर्च कमेटी द्वारा राजीव सूद का नाम वीसी के लिए चुन कर भेजना अनुचित व गैर कानूनी है। हाईकोर्ट से इस नियुक्ति को रद्द करने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई है।