कालका। शुक्रवार को कालका के कॉलेज स्टेडियम में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में स्टेज पर पहुंचने के बाद अपने नाम की कुर्सी न होने से नगर परिषद के चेयरमैन नाराज हो गए और कालका के प्रशासनिक अधिकारियों से इस बारे में नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और नगर निगम पंचकूला के मेयर भी स्टेज पर उपस्थित थे।
इस बारे में लांबा ने बताया कि कालका में जब वह कार्यक्रम में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि प्रशासन द्वारा एसीपी, एसडीएम समेत हर एक व्यक्ति की कुर्सी लगाई थी लेकिन उनके नाम की कुर्सी नही थी। लांबा ने कहा कि निमंत्रण कार्ड तक पर उनका नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जानता द्वारा चुने गए हैं। नगर परिषद के चेयरमैन हैं। कार्ड पर उनकी अध्यक्षता या मौजूदगी में ही कार्यक्रम होगा लिखा जा सकता था। वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि झंडा कोई भी फहराए उसकी कोई दिक्कत नही, पार्टी जिसको कहेगी उसका हम पूरा सत्कार करेंगे।
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विपक्ष ने भी की निंदा
कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पंचकूला की पूर्व मेयर मनवीर कौर गिल ने इस घटना पर दुख जताकर कहा कि कालका में चेयरमैन के साथ जो कुछ भी हुआ है, वह लोकतंत्र के खिलाफ है। प्रोटोकॉल के हिसाब से कृष्ण लाल लांबा भी सलामी ले सकते थे, लेकिन उनकी जगह बाहर से चीफ गेस्ट बुलाया गया।
इसके अलावा कम से कम चेयरमैन के लिए स्टेज पर सीट तो रखनी चाहिए थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा सरकार में पूर्व चेयरमैन रहे एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि चेयरमैन जनता द्वारा चुने हुए व्यक्ति हैं। उनके साथ इस तरह का बर्ताव करना उचित नहीं है। कांग्रेस छात्र इकाई के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपांशु बंसल एडवोकेट ने कहा कि इलाके के प्रशासनिक अधिकारी प्रोटोकॉल से दूर हैं।