चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने केंद्र सरकार को फिर से अपील की है कि वह भूजल के निरंतर घटने के कारण चिंताजनक स्थिति की ओर बढ़ रहे पंजाब राज्य को अटल-भू जल योजना में शामिल करे। उन्होंने अफसोस जताया कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर पत्र लिखने के बावजूद केंद्र सरकार इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने दफ्तर में राज्य में भूजल के कम हो रहे स्तर को रोकने और पानी को प्रदूषित होने से बचाने संबंधी राज्यसभा मेंबर बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ विचार-विमर्श के दौरान जौड़ामाजरा ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा इस बारे में कई बार लिखा जा चुका है, परंतु केंद्र सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही। उन्होंने सीचेवाल से अपील की कि वह अपने स्तर पर भी केंद्र सरकार के पास राज्य की मांग उठाएं। केंद्र सरकार द्वारा अटल भू-जल योजना के अंतर्गत उन राज्यों की मदद की जाती है, जहां भूजल की स्थिति गंभीर है। देश का पेट भरने वाले पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए केंद्र ने पंजाब को इस योजना में शामिल ही नहीं किया, जबकि राज्य में भूजल का स्तर निरंतर घटता जा रहा है।
इसी दौरान बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि जल संसाधनों संबंधी बनी संसदीय समिति में वह मेंबर होने के नाते इस योजना के अंतर्गत पंजाब को बाहर रखे जाने पर पहले भी सख्त एतराज जता चुके हैं और पंजाब को इस योजना में शामिल करने के लिए लिख भी चुके हैं।
सीचेवाल द्वारा सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर पक्की सड़क बनाने की मांग पर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि वह तुरंत पंजाब मंडी बोर्ड से संपर्क कायम करें, ताकि सड़क बनाने संबंधी आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके। उन्होंने कहा कि दरिया किनारे सड़क बनने से धुस्सी बांध को मजबूती मिलेगी और बाढ़ के दौरान दरार पड़ने की घटनाओं को काफ़ी हद तक रोका जा सकेगा।