चंडीगढ़। केंद्र ने पंजाब सरकार का लंबे अरसे से रुरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) रोक रखा है। इसको लेकर पंजाब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पंजाब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में एक अंतरिम याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सूचीबद्ध कर इस पर विचार करने के लिए कह दिया है। अब केंद्र द्वारा पंजाब सरकार के आरडीएफ फंड मामले में राज्य सरकार का पक्ष सुना जाएगा। केंद्र ने पंजाब सरकार के अलग-अलग फंड के तहत करीब 10 हजार करोड़ रुपये रोक रखे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ग्रामीण विकास कोष से जुड़े बकाये के चलते केंद्र से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के तत्काल भुगतान की मांग को लेकर आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की एक अंतरिम याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करने को तैयार हो गया।
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ से राज्य सरकार की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने आग्रह किया कि केंद्र के खिलाफ लंबित मुकदमे में एक अंतरिम आवेदन (आईए) दायर किया गया है, जिसमें अंतरिम उपाय के रूप में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के तत्काल भुगतान की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि धन की तत्काल आवश्यकता है।
पंजाब के करोड़ों रुपये का फंड रोके जाने का मुद्दा संसद में भी उठाया गया
राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बीते बुधवार को सदन में राज्यसभा के पीठासीन डाॅ. सस्मित पात्रा के समक्ष केंद्र से आग्रह करते हुए फंड जारी करने की मांग की थी। चड्ढा ने कहा था कि केंद्र ने रूरल डेवलपमेंट फंड के तहत 5600 करोड़, मंडी बोर्ड के तहत 1100 करोड़, नेशनल हेल्थ मिशन के 1100 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान के 180 करोड़ और कैपिटल क्रिएशन के तहत 1800 करोड़ रुपये के फंड रोक रखे हैं।