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गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर तीन अप्रैल को हरियाणा में होगा राज्य स्तरीय समारोह

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चंडीगढ़। सिखों के नौवें गुरु हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर 3 अप्रैल को पानीपत में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान दरबार साहिब की प्रतिकृति भी स्थापित की जाएगी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक पीठ भी स्थापित होगी। इसके माध्यम से उनके जीवन पर शोध कार्य किए जाएंगे, जिससे उनकी जीवनी को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं वीरवार को यहां श्री गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व समारोह के संबंध में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में की। बैठक के दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने समारोह को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। समारोह में हरियाणा व पंजाब के सिख श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है। समारोह का उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर जी के सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के संदेश को प्रचारित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समारोह के सुचारू आयोजन के लिए विशेष टीमों के गठन के साथ-साथ पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। बैठक में सदस्यों के तौर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, राज्य मंत्री कमलेश ढांडा, ओपी यादव, सरदार संदीप सिंह, पानीपत की मेयर अवनीत कौर, सांसदों व विधायकों ने भी अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, सचिव सरबजीत सिंह सदस्य अमरिंदर सिंह अरोड़ा, छानदीप सिंह खुराना और एसजीपीसी के सदस्य जत्थेदार हरपाल सिंह पाली, जत्थेदार अमरीक सिंह, जत्थेदार भूपिंदर सिंह, जत्थेदार जगशीर सिंह, जत्थेदार बलदेव सिंह, बाबा गुरमीत सिंह तिरलोकवाला के अलावा कुरुक्षेत्र के हरपाल सिंह चीका व लखविंदर पाल सिंह ग्रेवाल और विभिन्न जिलों के अन्य गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
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हरियाणा का सभी दस सिख गुरुओं के साथ विशेष नाता
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा का श्री गुरु तेग बहादुर के साथ ही नहीं, बल्कि सभी दस सिख गुरुओं के साथ विशेष नाता रहा है। उनमें से अधिकांश ने कुरुक्षेत्र और लोहगढ़ में अपनी यात्रा की है, जो कभी सिख राज्य की राजधानी थी। राज्य के युवाओं को दुनिया के सबसे महान मानवतावादी सिख गुरुओं के जीवन से समर्पण और बलिदान की भावना सीखने की आवश्यकता है। आज हमारा परम कर्तव्य बनता है कि श्री गुरु तेग बहादुर और अन्य धार्मिक गुरुओं और संतों की शिक्षाओं, विचारधाराओं और दर्शन को समाज में, विशेष रूप से युवाओं में प्रचारित करें।
प्रसिद्ध रागी और कथावाचक आमंत्रित किए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने समिति के अधिकांश सदस्यों की मांगों को स्वीकार करते हुए कहा कि इस राज्य स्तरीय धार्मिक समारोह में प्रसिद्ध रागी और कथावाचकों को बुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों, अन्य धार्मिक सिख संगठनों और राज्य भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से आग्रह किया कि 400वें प्रकाश पर्व के समारोह के रूप में 3 अप्रैल, 2022 से पहले प्रत्येक जिले में विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। करनाल झील पर भी लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाना चाहिए। उनकी शहादत के बाद शीश ले जाने के रास्ते में पड़ने वाले स्थानों को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के लिए सरकार सराहना की पात्र : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह वास्तव में प्रशंसनीय है कि हरियाणा इतने बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम की मेजबानी करेगा। इसे राजनीति से जोड़ना गलत होगा। इस राज्य स्तरीय समारोह की बड़ी सफलता के लिए अपनी पार्टी की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता हूं। श्री गुरु तेग बहादुर के साथ एक विशेष बंधन है। यह राज्य स्तरीय समारोह दूसरों के लिए एक मिसाल कायम करेगा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने भी मनोहर लाल की दोनों राज्यों के पूरे सिख समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक समागम का आयोजन न केवल हरियाणा और देश के लिए बड़ी सफलता होगी, बल्कि दुनिया भर में भी संदेश जाएगा।
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