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1810 एकड़ का अवॉर्ड नहीं कर सकते, हमारी कोशिश भू मालिकों को राहत देने की : मनोहर

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विधानसभा
1810 एकड़ का अवॉर्ड नहीं कर सकते, हमारी कोशिश भू मालिकों को राहत देने की : मनोहर
गुरुग्राम के मानेसर तहसील के गांवों की 1810 एकड़ जमीन अधिग्रहण का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मानेसर तहसील के गांव कासन, कुकरेला और सहरावन की 1810 एकड़ भूमि को लेकर सरकार चाहकर भी जमीन का अवॉर्ड नहीं कर सकती। हमारी कोशिश है कि भू मालिकों को किसी प्रकार से राहत दी जा सके, ताकि उनक ेनुकसान की भरपाई हो सके। इसके लिए योजना लाई जाएगी। इसके अलावा मामले में सरकार की नीति के अनुसार जमीन अधिग्रहण के समय जहां गांव बसे थे या मकान बने थे उनकी जमीन का ही अवॉर्ड किया जाएगा। आउस्टीस नीति के तहत आउस्टीस को प्लॉट दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधानसभा में पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उपरोक्त जमीन का अधिग्रहण उस समय के रेट के अनुसार किया गया था, जोकि वर्तमान के मुकाबले काफी कम थे। रेट को लेकर भूमालिक सुप्रीम कोर्ट गए थे और वर्ष 2020 में न्यायालय ने आदेश जारी किए थे कि अधिग्रहण तो पुराने रेट पर ही होगा। इसलिए सरकार अब अवॉर्ड नहीं कर सकती। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2010 में 1810 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था।
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जमीन अधिग्रहण से जुड़े एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सदन के नेता ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए जहां जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती और विभाग से परियोजना की नॉन-फिजिबिलिटी रिपोर्ट आ जाती है, तो ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय विधायक भी जमीन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार का सहयोग करें। चाहे वहां सरकारी जमीन हो या जमीन की खरीद करनी हो या पंचायत जमीन उपलब्ध हो, वे जमीन उपलब्ध करवाने का प्रयास अवश्य करें।
मनोहर लाल ने कहा कि आज बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण संभव नहीं है और अधिग्रहण करने पर कई बार भूमालिक न्यायालयों में चले जाते हैं और प्रक्रिया लंबी हो जाती है तथा सरकार को कलेक्टर रेट से 4 गुणा अधिक रेट पर जमीन खरीदनी पड़ती है।
विजिलेंस को जल्द जांच पूरी करने के लिए देंगे निर्देश : मुख्यमंत्री
फरीदाबाद में सड़क निर्माण में टेंडरिंग मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम में सड़क निर्माण के टेंडरिंग के मामले में जारी विजिलेंस जांच को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। जांच में जो अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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फरीदाबाद एनआईटी के विधायक नीरज शर्मा के पूछे गए सवाल के जवाब में मनोहर लाल ने कहा कि नगरपालिका नियम, 1976 के नियम 8 में यह उल्लेखित है कि निर्माण कार्य में 10 प्रतिशत तक ही एन्हांसमेंट की जा सकती है, इससे अधिक नहीं। हालांकि, कई मामलों में 10 प्रतिशत से अधिक भी एन्हांसमेंट की गई है। इसका कारण यह है कि नियम 8 की परिभाषित व्याख्या सही नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि इस व्याख्या को सही किया जाए। यदि कहीं 10 प्रतिशत से अधिक एन्हांसमेंट है तो रि-टेंडर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से तय किया गया है कि यह सड़क तारकोल की नहीं आरएनसी की ही बननी चाहिए। इसलिए तारकोल और आरएनसी के रेट में अंतर आया। यदि उसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विधायक नीरज शर्मा ने मांग की कि जांच की समय सीमा तय की जाए और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
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