संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। विभिन्न सेक्टरों में बनाए बस क्यू शेल्टर खस्ताहाल होने के कारण लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं। कुछ सेक्टर तो ऐसे हैं, जहां बस क्यू शेल्टर बनाए ही नहीं गए हैं। किसी की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं तो किसी में बैठने की जगह ही नहीं है। ऐसे में बसों का इंतजार करना लोगों को लिए काफी दिक्कतों भरा साबित हो रहा है। नगर निगम की तरफ से शहर में बस क्यू शेल्टर बनाए गए हैं ताकि बस का इंतजार करते समय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। मगर इसकी सुध नगर निगम की तरफ से नहीं ली जाती है। निगम अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि इनकी दीवारें कंडम हो चुकी हैं। इनकी कभी सफाई भी नहीं कराई जाती है।
बैठने की व्यवस्था नहीं
शहर में जो बस क्यू शेल्डर बनाए गए हैं, वहां अव्यवस्थाएं हावी हैं। कुछ बस क्यू शेल्टर तो ऐसे हैं, जहां बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। बस के आने तक लोगों को खड़े रहकर ही इंतजार करना पड़ता है। इसके कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन जगहों पर है ज्यादा दिक्कत
शहर के सेक्टर-20 में बहुत ज्यादा आबादी है, मगर वहां एक काफी पुराना बस क्यू शेल्टर है। उसकी छत भी टूट चुकी है। लोग धूप में खड़े रहते हैं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र फेज-1, सेक्टर-5, सेक्टर-26, सेक्टर-28, सेक्टर-8 सहित कई अन्य सेक्टर हैं, जहां पर बस क्यू शेल्टर हैं ही नहीं या फिर उनकी हालत खराब है।
सेक्टर-20 में 50 हजार की आबादी होने के बावजूद कोई बस शेल्टर नहीं है। काफी समय पहले बनाया गया एक बस क्यू शेल्टर टूटा है। उसकी छत भी नहीं है। वरिष्ठ नागरिक, महिला और बच्चे बारिश और धूप में परेशान रहते हैं, मगर नगर निगम द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। -योगिंदर क्वात्रा, उपाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
सेक्टर-25/26 का जो बस क्यू शेल्टर बनाया गया है, उसमें बैठने की जगह ही नहीं बनाई गई है। कई बार बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बस का इंतजार करते देखा है। खड़े रहने में उन्हें परेशानी होती है। यह ज्यादा बड़ा काम नहीं है, मगर केवल लापरवाही के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -धर्म सिंह हीरा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-26
एक कंपनी की ओर से शहर के बस क्यू शेल्टर का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर बस क्यू शेल्टरों के निर्माण और मरम्मत का प्रोजेक्ट आगे बढ़ाया जाएगा। - सचिन गुप्ता, कमिश्नर, नगर निगम