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Panchkula News: भाकियू उगराहां ने कृषि नीति पर कल बुलाई समीक्षा बैठक

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चंडीगढ़। भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) और पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने पंजाब सरकार द्वारा कृषि नीति का मसौदा जारी करने को चंडीगढ़ में किसानों और कृषि श्रमिकों द्वारा लाए गए कृषि नीति मोर्चा की प्राथमिक जीत घोषित किया। उन्होंने अपनी संगठनात्मक ताकत को विस्तार और मजबूत करने का आह्वान किया है। किसान संघ के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां, महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां और मजदूर संघ के अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली और महासचिव लछमन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार ने 30 सितंबर से पहले कृषि नीति का मसौदा तैयार कर जारी कर दिया है। इस पर अब किसान जत्थेबंदी और भाकियू एकता उगराहां 19 सितंबर को समीक्षा बैठक करेगा, इसके बाद पॉलिसी के ड्राफ्ट पर अपने सुझाव देगा।
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उन्होंने सरकार की ओर से इस ड्राफ्ट को केवल अंग्रेजी में जारी करने पर आपत्ति जताते हुए इसे जल्द से जल्द पंजाबी भाषा में जारी करने और किसान संगठनों के अलावा सभी कृषि श्रमिक संगठनों को भेजने की मांग की है। किसानों और खेत मजदूर नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी आपत्तियां और मांगें कृषि विभाग के निदेशक और अन्य उच्च अधिकारियों को भेजी हैं, जिन्होंने पत्र को संशोधित किया और इसे खेत मजदूर संगठनों को भी जारी किया, जबकि इसका अनुवाद पंजाबी भाषा में किया गया था।
किसान और खेत मजदूर नेताओं ने अपना बयान जारी रखते हुए कहा है कि डेढ़ साल पहले संगठनों ने कृषि नीति को लेकर सरकार को लिखित में अपने सुझाव तो सौंपे ही थे, इसके अलावा सरकार की ओर से नियुक्त विशेषज्ञों ने भी मसौदा सौंप दिया था। करीब एक साल पहले सरकार को कृषि नीति का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सरकार इसे जारी करने से लगातार बच रही थी। लंबे इंतजार के बाद मजदूर किसानों की रिहाई और पर्यावरण अनुकूल कृषि नीति तथा मजदूर किसानों की अन्य ज्वलंत मांगों को लेकर उनके संगठनों द्वारा चंडीगढ़ में मार्च निकाला गया।
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