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पंजाबी युवाओं में बढ़ रहे कट्टरपंथ से बठिंडा सांसद चिंतित

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चंडीगढ़। पंजाब के युवाओं में बढ़ते कट्टरपंथ को लेकर बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने चिंता जताई है। उन्होंने रविवार को नौजवानों में कट्टरपंथ को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पहली बार सांप्रदायिक झड़पें हो रही हैं। यहां तक कि सांप्रदायिक दंगे भी हो रहे हैं तथा आतंकवादी गतिविधियों और हाई-प्रोफाइल हत्याओं से पंजाबी अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
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रविवार को संसद में सर्वदलीय बैठक में बोलते हुए हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि सांप्रदायिक झड़पें राज्य में आतंकवाद या 1984 के सिखों के कत्लेआम के दौरान भी नहीं हुई थीं। मोहाली में स्टेट इंटेलिजेंस मुख्यालय को रॉकेट लांचर से निशाना बनाने और पंजाब में प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की एके -47 से हत्या करना चिंता का विषय है। उन्होंने बैठक में कहा कि इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा को दिए गए आश्वासन कि उसे एक अलग विधानसभा के लिए चंडीगढ़ में जमीन दी जाएगी जैसे कदमों के कारण पंजाबियों में असंतोष फैल रहा है। यह कहते हुए कि पंजाबियों ने चंडीगढ़ को अपनी राजधानी माना है और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इसे पंजाब की राजधानी बनाया जाएगा। बठिंडा की सांसद ने कहा कि हरियाणा के लिए जमीन निर्धारित करने जैसे कदम असंतोष को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने पर फटकार लगाई, जिसने विनम्रता से अपने दावे को सरेंडर कर दिया।
युवाओं में बढ़ रहा अलगाव
बैठक में बठिंडा सांसद ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के एसवाईएल गीत और कंवर ग्रेवाल के रिहाई गीत पर प्रतिबंध लगाने जैसे हालिया कदमों ने अलगाव की भावना को बढ़ा दिया है। दोनों गीत क्रमश: राज्य के नदी जल की रक्षा और सिख बंदियों की रिहाई का आह्वान करते हैं और पंजाबियों की भावनाओं को दर्शाते हैं। ऐसे गीतों पर प्रतिबंध लगाना प्रतिकूल है और प्रतिबंध को रद्द किया जाना चाहिए।
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बयानों से बिगड़ रहा माहौल
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पंजाब में गैर-जिम्मेदाराना बयानों से माहौल को खराब किया जा रहा है। एक मामला संगरूर के नवनिर्वाचित सांसद सिमरनजीत सिंह मान के दावा है कि शहीद भगत सिंह एक आतंकवादी थे। उन्होंने इस संबंध में बठिंडा में महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़े जाने का उदाहरण दिया।
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