संगठनों ने इस राहत के साथ साजिश करार दिया है, पूरे प्रदेश में इस पर रोक लगाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सरकार ने प्रदेश में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण के विरोध में चल रहे आंदोलनों के कारण पंचकूला में इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब नए आवेदनों को रिजेक्ट किया जा रहा है। हालांकि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं है। सरकार और प्राधिकरण की नई नीति आने तक इस पर अंतरिम रोक लगाई गई है। पहले दिन प्राधिकरण की तरफ से 30 आवेदनों को रिजेक्ट भी कर दिया गया है। बता दें कि करीब 10 दिन पहले ही विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। सीएम की तरफ से सकारात्मक आश्वासन मिलने की बात कही थी।
पंचकूला में एचएसवीपी के 31 सेक्टर हैं। करीब-करीब सभी सेक्टरों में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इन निर्माणों से साथ लगते मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई जगह तो पूरे के पूरे मकानों में ही दरारें आ गई हैं। इसकी 60 से ज्यादा शिकायतें एचएसवीपी के पास पहुंच चुकी हैं। प्राधिकरण की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर लोगों ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाना शुरू कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन का गठन कर लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया था। गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा पंचकूला में भी इसका भारी विरोध कन्फडरेशन के बैनर तले किया गया। अब इस मामले में पंचकूला में नए भवनों के निर्माण पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।
पूर्व थल सेना अध्यक्ष भी शामिल थे आंदोलन में
स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के खिलाफ देश के पूर्व थल सेना अध्यक्ष वीपी मलिक भी आंदोलन में शामिल हुए थे। उनके शामिल होने के बाद ही आंदोलन ने जोर पकड़ा था। उन्होंने यहां तक कहा था कि जब स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री ने उनके पत्र का जवाब तक नहीं दिया तो उन्हें बहुत ज्यादा बुरा लगा था। उन्होंने कहा था कि इस आंदोलन को चलाने के लिए उनकी जो भी जिम्मेवारी लगाई जाएगी वो उसे निभाएंगे।
30 आवेदन किए जा चुके रिजेक्ट
शहर में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन बनाने के लिए लोगों में होड़ सी लगी हुई है। अब तक शहर में करीब 150 इस तरह के भवन बन चुके हैं या बन रहे हैं। इसके अलावा 30 लोगों ने मंजूरी के लिए आवेदन किया हुआ था। अब उन आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया है।
आभार के साथ साजिश करार दिया
शहर की विभिन्न संस्थाओं ने इस फैसले का स्वागत कर विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और मुख्यमंत्री मनोहरलाल का आभार जताया है। पदाधिकारियों का कहना है कि इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही पुराने शहर का स्वरूप भी बरकरार रहेगा। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष यशवीर मलिक ने इस फैसले को सरकार की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह परेशानी पूरे प्रदेश में एक समान है। प्रतिबंध भी पूरे प्रदेश में ही लगाए जाने चाहिए। सरकार आंदोलन को कमजोर करने के लिए एन्हांसमेंट मामले की तरह यहां भी हथकंडे अपना रही है। स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
शहरवासियों के लिए यह राहत की बात है। लोग काफी परेशानी झेल रहे थे। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हैं।
- मोहिंदर सिंह बल्हारा, जिला कन्वीनर, हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन
सरकार का यह फैसला सराहनीय है। काफी दिन से लोग इस मांग को उठा रहे थे। हमने भी इस बारे में सरकार को पत्र लिखा था। इसी तरह का फैसला पूरे प्रदेश के लिए भी किया जाना चाहिए। - एसके नैय्यर, अध्यक्ष, सिटिजंस वेलफेयर एसोसिएशन, पंचकूला
पहले से बस चुके सेक्टरों में इस तरह का फैसला पूरे प्रदेश में ही बंद होना चाहिए। नए बसाये जाने वाले सेक्टरों में नए नियम लागू किए जा सकते हैं। - सुभाष पपनेजा, सेक्टर-16 आरडब्ल्यूए
फिलहाल पंचकूला में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। - गगनदीप सिंह, संपदा अधिकारी पंचकूला, एचएसवीपी
पंचकूला के लोगों के दर्द को समझने और उसका समाधान करने के लिए हम मुख्यमंत्री मनोहरलाल का आभार जताते हैं। हरियाणा सरकार लगातार लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। - ज्ञानचंद गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष, हरियाणा