पंचकूला। बैंक ऑफ इंडिया के चर्चित गोल्ड लोन घोटाले में आरोपी अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर दीपक भोला की नियमित जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने खारिज कर दी। सेक्टर-14 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ फरवरी 2026 में मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उसने नकली सोने को असली बताकर मूल्यांकन प्रमाण पत्र जारी किए, जिसके आधार पर बैंक ने लाखों रुपये का गोल्ड लोन मंजूर किया। बाद में लोन खाते एनपीए होने पर कराए गए दोबारा मूल्यांकन में गिरवी रखे गए आभूषण नकली पाए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ इसी तरह के 31 अन्य मामले भी दर्ज हैं। अदालत ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से कथित धोखाधड़ी और फर्जी मूल्यांकन प्रमाण पत्र जारी करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।